विद्यार्थियों के लिए शिक्षा ऋण के विकल्प हुए पहले से बेहतर, अब उच्च शिक्षा का सपना होगा आसान
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। बिहार सरकार ने विद्यार्थियों के हित में उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता के विकल्पों को और व्यापक कर दिया है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत शिक्षा ऋण में कमी किए जाने की खबर को सरकार ने तथ्यात्मक रूप से सही नहीं बताया है। सरकार का कहना है कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक कठिनाइयों से राहत देने के उद्देश्य से अब पहले की तुलना में अधिक संस्थागत वित्तीय विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं।
2 लाख तक BSFIC, 2 से 4 लाख तक बैंकों से मिलेगा ऋण
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, अब 2 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से उपलब्ध होगी। इससे पहले बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से ही 4 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जाती थी।
सरकार के इस बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए शिक्षा ऋण के विकल्पों का विस्तार करना और उन्हें जरूरत के अनुसार विभिन्न वित्तीय संस्थानों से सहायता प्राप्त करने की सुविधा देना है।
PM विद्यालक्ष्मी और बैंकों से भी जुड़ी योजना
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल एवं बैंकों से जोड़ने की दिशा में भी पहल की गई है। इसके माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए संस्थागत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के माध्यम से 10 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण का प्रावधान है। इससे विद्यार्थियों के सामने उच्च शिक्षा की पढ़ाई पूरी करने के लिए पहले की तुलना में अधिक वित्तीय विकल्प उपलब्ध हुए हैं।
योजना का बजट भी बढ़ा, 64 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति
सरकार के बजटीय प्रावधान भी विद्यार्थियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए 886 करोड़ रुपये के व्यय की स्वीकृति दी गई थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 950 करोड़ रुपये के व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस तरह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में वर्तमान वित्तीय वर्ष में योजना के लिए 64 करोड़ रुपये अधिक खर्च की स्वीकृति दी गई है।
सरकार का जोर—आर्थिक स्थिति शिक्षा में न बने बाधा
सरकार के अनुसार, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत वित्तीय सहायता का प्रावधान कम नहीं किया गया है। बल्कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अधिक वित्तीय प्रावधान और अधिक विकल्प सुनिश्चित किए गए हैं।
बिहार सरकार का लगातार प्रयास है कि किसी भी विद्यार्थी की आर्थिक स्थिति उसकी उच्च शिक्षा के रास्ते में बाधा न बने। इसी उद्देश्य से शिक्षा ऋण की पहुंच बढ़ाने, बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने और विभिन्न संस्थागत माध्यमों से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे शिक्षा ऋण योजना से संबंधित सही एवं अधिकृत जानकारी प्राप्त करें और उपलब्ध वित्तीय सहायता के विकल्पों का लाभ उठाकर अपने उच्च शिक्षा के सपने को साकार करें।












