लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर, किशोरों के पुनर्वास को प्राथमिकता
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। समाहरणालय सभा कक्ष में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, गोपालगंज श्रीमती भारती कुमारी की अध्यक्षता में किशोर न्याय बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके समयबद्ध एवं त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान बाल संरक्षण, किशोरों के अधिकार, विधिक सहायता, परामर्श, शिक्षा, कौशल विकास, पुनर्वास एवं सामाजिक पुनर्समायोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश
किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति की समीक्षा की गई। मामलों के निष्पादन में आ रही कठिनाइयों पर भी संबंधित पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रीमती भारती कुमारी ने निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन करते हुए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि किशोरों से जुड़े मामलों में उनके सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना आवश्यक है।
विधिक सहायता और शिक्षा पर विशेष जोर
बैठक में जरूरतमंद किशोरों को उनके अधिकारों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने तथा आवश्यक विधिक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।
इसके साथ ही किशोरों को शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उद्देश्य यह है कि किशोरों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिले और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
पुनर्वास और सामाजिक पुनर्समायोजन बने प्राथमिकता
बैठक में स्पष्ट रूप से कहा गया कि किशोर न्याय प्रणाली का उद्देश्य केवल मामलों का निष्पादन करना नहीं, बल्कि किशोरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करना भी है।
किशोरों की व्यक्तिगत परिस्थितियों, पारिवारिक पृष्ठभूमि और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संरक्षण, परामर्श, शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई।
बैठक के अंत में लंबित मामलों की प्रगति और किशोरों के पुनर्वास से जुड़ी कार्रवाई की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप सभी प्रक्रियाओं का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करें और किशोरों के हितों की अनदेखी न हो।
बैठक का मुख्य उद्देश्य किशोर न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन तथा किशोरों को संरक्षण, विधिक सहायता, परामर्श, शिक्षा और पुनर्वास की समुचित सुविधा उपलब्ध कराना रहा।
