राष्ट्रपति सम्मान की ओर गोपालगंज की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद, नवाचार से बदली सरकारी विद्यालय की तस्वीर
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव
गोपालगंज। सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आनंददायी शिक्षा की मिसाल कायम करने वाली राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, कुचायकोट की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद ने अपने समर्पण, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता से शिक्षा जगत में अलग पहचान बनाई है। उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक कार्यों को अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने जा रहा है। पुष्पा प्रसाद राष्ट्रपति महोदया के हाथों सम्मानित होंगी।
गंडक नदी के तटवर्ती और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्थित विद्यालय में कम नामांकन, अनियमित उपस्थिति, ड्रॉपआउट और अभिभावकों की सीमित सहभागिता जैसी चुनौतियों के बीच शिक्षिका पुष्पा प्रसाद ने शिक्षा को महज कक्षा तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने विद्यालय को बच्चों, अभिभावकों और समुदाय के समग्र विकास का केंद्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किया।
नवाचार से कक्षा बनी सीखने की प्रयोगशाला
पुष्पा प्रसाद ने बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान (FLN) को शिक्षण की प्राथमिकता बनाया। अक्षर एवं ध्वनि पहचान, प्रवाहपूर्ण पठन, गणितीय संक्रियाओं, तार्किक सोच और समस्या-समाधान जैसी क्षमताओं के विकास पर विशेष जोर दिया गया।
स्थानीय एवं कम लागत वाली सामग्री से TLM, Flash Cards, Role Play, Puppetry और गतिविधि आधारित शिक्षण को अपनाकर उन्होंने बच्चों के लिए पढ़ाई को रोचक और आनंददायी बनाया। तकनीक का भी प्रभावी इस्तेमाल करते हुए Virtual Reality आधारित 3D वीडियो के जरिए जटिल अवधारणाओं को बच्चों के लिए दृश्य एवं अनुभवात्मक बनाने का प्रयास किया गया। विद्यालय परिसर के पेड़ों पर QR Code आधारित लर्निंग व्यवस्था उनकी नवाचारी सोच का अनूठा उदाहरण है।
विद्यालय से घर और समुदाय तक पहुंची शिक्षा
शिक्षिका ने अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा से जोड़ने के लिए कक्षा की गतिविधियों के फोटो और वीडियो WhatsApp समूहों में साझा किए। मासिक अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी, अभिभावक साक्षरता अभियान, शत-प्रतिशत नामांकन, स्वच्छता, नशामुक्ति और बाल विवाह निषेध जैसे अभियानों के माध्यम से विद्यालय को समुदाय से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया गया।
बालिका शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
बालिका शिक्षा एवं सशक्तीकरण को भी पुष्पा प्रसाद ने अपने कार्य का अहम हिस्सा बनाया। मासिक स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, Pad Bank की स्थापना तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी गतिविधियों के जरिए छात्राओं में जागरूकता, आत्मविश्वास और बेहतर स्वास्थ्य व्यवहार विकसित करने पर जोर दिया गया।
समावेशी शिक्षा बनी पहचान
शिक्षिका ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि कोई भी बच्चा सीखने के अवसर से वंचित न रहे। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए Braille लिपि में TLM तैयार किए गए और अतिरिक्त सहयोग की जरूरत वाले बच्चों पर विशेष ध्यान दिया गया। इससे उनकी उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद मिली।
बच्चों की उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय में ‘उत्साह बोर्ड’ जैसे नवाचार किए गए, जिसमें अब तक 50 से अधिक बच्चों को स्थान मिलने का उल्लेख है। इससे विद्यार्थियों में बेहतर प्रदर्शन की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिला।
राज्य और जिला स्तर पर भी मिल चुका है सम्मान
पुष्पा प्रसाद के शैक्षणिक योगदान को इससे पहले भी विभिन्न स्तरों पर सम्मान मिल चुका है। उन्हें बिहार सरकार, शिक्षा विभाग द्वारा राजकीय शिक्षक सम्मान-2024, अप्रैल 2025 में ‘Teacher of the Month’, ‘निपुण शिक्षक सम्मान’, परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम से संबंधित प्रमाण-पत्र तथा जिला पदाधिकारी, गोपालगंज द्वारा उत्कृष्ट सेवा सम्मान प्राप्त हो चुका है।
इसके अलावा ‘अप्पन बिहार, निपुण बिहार’ स्टॉल—बिहार दिवस 2026 में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति-पत्र तथा राज्य स्तरीय निपुण TLM मेला 2.0 (2025) और 3.0 (2026) में द्वितीय स्थान भी उनके नवाचारी कार्यों की उपलब्धियों में शामिल है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में भी उन्हें नवाचार के लिए आमंत्रित किया जा चुका है।
डीएम समीर सौरभ ने दी शुभकामनाएं
जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ ने शिक्षिका पुष्पा प्रसाद के नवाचारी शैक्षणिक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाले सम्मान के लिए शुभकामनाएं दीं।
शिक्षकों के लिए बनीं प्रेरणा
पुष्पा प्रसाद की उपलब्धि यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद संवेदनशीलता, नवाचार और प्रतिबद्धता के साथ किया गया प्रयास सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदल सकता है। उनकी यात्रा बताती है कि एक शिक्षक यदि बच्चों की जरूरतों को समझकर शिक्षा को समुदाय से जोड़ दे, तो विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं रहता, बल्कि सामाजिक बदलाव और नई पीढ़ी के निर्माण का सशक्त माध्यम बन जाता है।
राष्ट्रीय सम्मान की दहलीज पर पहुंची गोपालगंज की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद आज जिले के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा की नई मिसाल बनकर सामने आई हैं।












