मांझा पूर्वी पंचायत में जल-निकासी व्यवस्था ध्वस्त, सड़कों पर बह रहा नाली का गंदा पानी
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव
मांझा। मांझा प्रखंड की मांझा पूर्वी पंचायत में जल-निकासी की समस्या इन दिनों विकराल रूप ले चुकी है। पंचायत के कई इलाकों में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जमा गंदे पानी से दुर्गंध के साथ-साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है।
ब्रह्मस्थान से पुरानी बाजार तक सड़कों पर गंदा पानी
ग्रामीणों के अनुसार, ब्रह्मस्थान के समीप, मस्जिद के पास, पुरानी शिव मंदिर के आसपास तथा पुरानी बाजार सहित कई स्थानों पर नालियों का पानी नाली से ऊपर होकर सड़क पर बह रहा है। जगह-जगह गंदा पानी जमा होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है। बदबू के कारण आसपास रहने वाले लोगों का भी जीना मुहाल हो गया है।
सोख्ता निर्माण भी नहीं दिला सका स्थायी राहत
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल-निकासी की समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है। पंचायत स्तर पर जल-निकासी के लिए सोख्ता का निर्माण भी कराया गया, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। कुछ समय बाद फिर नालियों का पानी सड़क पर बहने लगा।
मच्छरों का बढ़ा प्रकोप, बीमारी का खतरा
लंबे समय तक सड़कों पर गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका सता रही है। लोगों का आरोप है कि समस्या की गंभीरता के बावजूद अब तक स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों ने की स्थायी जल-निकासी की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों से तत्काल नालियों की सफाई, जल-जमाव वाले स्थानों से पानी की निकासी तथा समुचित नाला निर्माण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि महज अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान नहीं होगा। पंचायत में ऐसी स्थायी जल-निकासी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिससे बारिश और नालियों का पानी सड़कों पर जमा न हो और ग्रामीणों को राहत मिल सके।












