डीएवी पीजी कॉलेज में महिला प्राध्यापकों को विशेष अवकाश से वंचित रखने का मामला : शिक्षक संघ ने विधान पार्षद से की मुलाकात
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट






डीएवी पीजी कॉलेज शिक्षक संघ ने महिला प्राध्यापकों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संघ के अध्यक्ष डॉ. धनंजय यादव और उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद आफाक अहमद से मुलाकात की। इस बैठक में कॉलेज की महिला शिक्षिकाओं की प्रमुख समस्या को विस्तार से रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण की बातें लगातार कर रही है, लेकिन डीएवी पीजी कॉलेज में महिला प्राध्यापकों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। विशेष रूप से राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना के पत्रांक 1845 दिनांक 21 मई 2008 के अनुसार 55 वर्ष तक की आयु वाली महिला प्राध्यापकों को प्रत्येक माह में लगातार दो दिनों का विशेष अवकाश (स्पेशल कैजुअल लीव) प्रदान करने का स्पष्ट प्रावधान है। यह सुविधा महिला शिक्षकों की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर दी गई है। हालांकि डीएवी पीजी कॉलेज प्रशासन द्वारा इस प्रावधान को लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे महिला शिक्षिकाओं को विशेष अवकाश से वंचित रखा जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने इसे मानवीय गरिमा के खिलाफ बताया और तत्काल इस सुविधा को बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह न केवल सरकारी आदेश की अवहेलना है, बल्कि महिला सशक्तिकरण के सरकारी प्रयासों पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। विधान पार्षद आफाक अहमद ने शिक्षक हित के इस मुद्दे को गंभीरता से लिया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे जल्द ही राज्यपाल महोदय से व्यक्तिगत मुलाकात कर इस समस्या को उनके समक्ष रखेंगे और उचित समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। विधान पार्षद ने कहा कि शिक्षकों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर वे हमेशा सक्रिय रहते हैं और इस मामले में भी प्रभावी हस्तक्षेप करेंगे। यह घटना कॉलेज स्तर पर महिला शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए शिक्षक संघ की सक्रियता को दर्शाती है। उम्मीद है कि राज्यपाल स्तर से हस्तक्षेप के बाद जल्द ही महिला प्राध्यापकों को उनका वैधानिक विशेष अवकाश मिल सकेगा, जिससे वे बेहतर ढंग से अपनी शिक्षण जिम्मेदारियां निभा सकेंगी।












