विद्यार्थियों ने सीखे आपदा से बचाव के गुर, NDRF ने कराया प्राथमिक उपचार और CPR का व्यावहारिक प्रशिक्षण
मांझा के माधव हाईस्कूल में NDRF की 9-P टीम ने आयोजित किया स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम, बाढ़, वज्रपात और सर्पदंश से बचाव की दी महत्वपूर्ण जानकारी
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन की ओर से आपदा पूर्व तैयारी और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मांझा प्रखंड स्थित माधव हाईस्कूल में NDRF की 9-P टीम (F Coy) द्वारा स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम (SSP) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों को विभिन्न आपदाओं एवं आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने के साथ-साथ संकट की घड़ी में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने के महत्वपूर्ण गुर सिखाए गए।
कार्यक्रम के दौरान NDRF के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार, प्री-हॉस्पिटल ट्रीटमेंट (PHT), रक्तस्राव को नियंत्रित करने, CPR, सर्पदंश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ जैसी आपात स्थितियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया।
घबराहट नहीं, सूझबूझ और त्वरित प्रतिक्रिया बनेगी जीवनरक्षक
NDRF टीम ने विद्यार्थियों को समझाया कि आपदा के समय घबराने के बजाय शांत रहकर परिस्थितियों का आकलन करना बेहद जरूरी है। उपलब्ध संसाधनों का सुरक्षित उपयोग और सही समय पर लिया गया निर्णय किसी की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विद्यार्थियों को भूकंप, बाढ़, वज्रपात एवं अन्य आपदाओं के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के साथ-साथ क्या करें और क्या न करें के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। सर्पदंश की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले सुरक्षित कदमों और प्राथमिक उपचार के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ी विद्यार्थियों की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। CPR, प्राथमिक उपचार और रक्तस्राव नियंत्रण जैसी जीवनरक्षक तकनीकों का प्रदर्शन विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि आपातकालीन स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
विद्यालय स्तर पर इस प्रकार के प्रशिक्षण से बच्चों में आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ स्वयं की सुरक्षा, सहपाठियों की सहायता और संकट के समय प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित होती है।
‘आपदा आने से पहले तैयारी’ पर जोर
जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ‘आपदा आने से पहले तैयारी’ के दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में विद्यालयों में आयोजित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है।
प्रशिक्षित विद्यार्थी न केवल आपदा की स्थिति में स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक कर सकते हैं। इससे समाज में सुरक्षित व्यवहार और सामूहिक आपदा प्रतिक्रिया की भावना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने NDRF टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने प्रशिक्षण को उपयोगी, व्यवहारिक और जीवनरक्षक जानकारी से भरपूर बताते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।












