मुरारपट्टी की सोनाली एम्स गोरखपुर में बनीं जूनियर रेजीडेंट, किया नाम रोशन
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट
नौतन प्रखंड के मुरारपट्टी गांव की बेटी सोनाली प्रिया ने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के बल पर डॉक्टर बनकर परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। वर्ष 2018 में नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने बेतिया मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला लिया और सफलतापूर्वक पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वह गोरखपुर एम्स में जूनियर रेजीडेंट के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
सोनाली की प्रारंभिक से लेकर 12वीं तक की शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, पटना से हुई। डॉक्टर बनने का सपना लेकर उन्होंने नीट की तैयारी घर पर रहकर ही की। उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 2018 में नीट परीक्षा में सफलता हासिल कर मेडिकल की पढ़ाई के लिए उनका रास्ता साफ हुआ। बेतिया मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पूरा करने के बाद अब वह चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
दो बहनों और एक भाई में सोनाली दूसरे स्थान पर हैं। उनके पिता स्वर्गीय अनिल राम पीडब्ल्यूडी में एसडीओ के पद पर कार्यरत थे। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां रीता देवी ने संभाली। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आने दी। वर्तमान में रीता देवी पटना में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं।
सोनाली के बड़े भाई अभिषेक कुमार बीटेक की पढ़ाई पूरी कर बीपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। वहीं छोटी बहन स्नेही रिया एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की तैयारी में जुटी हैं।
सोनाली के डॉक्टर बनने के सफर में उनकी नानी बच्ची देवी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जीरादेई प्रखंड के रेपुरा गांव की रहने वाली बच्ची देवी स्वास्थ्य विभाग में पीएचसी मैरवा में एलएचवी के पद पर कार्यरत थीं। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके अनुभव और सेवाभाव से सोनाली को चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
नीट की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए सोनाली का कहना है कि सफलता के लिए कोटा या किसी बड़े शहर में जाकर तैयारी करना जरूरी नहीं है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मन में आत्मविश्वास और मेहनत करने का जज्बा हो तो घर पर रहकर भी बेहतर तैयारी की जा सकती है।
सोनाली अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपनी मां रीता देवी को देती हैं। उनका कहना है कि पिता के नहीं रहने के बाद मां ने जिस तरह संघर्ष करते हुए बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को संभाला, उसी का परिणाम है कि आज वह डॉक्टर बन सकी हैं।
सोनाली की इस उपलब्धि पर नौतन प्रखंड में आईटी असिस्टेंट के पद पर कार्यरत उनके मामा अरुण कुमार ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।












