4 मकान गिरे,सचिव की कार्यशैली पर उठे सवाल
बादा से सनम मलिक की रिपोर्ट
बांदा-तिंदवारी विकासखंड की ग्राम पंचायत गोखरही में लगातार बारिश ने तबाही मचा दी है।गांव में कमर तक पानी भर गया है,बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।लगातार बारिश से राममूरत,बबलू सिंह,रवि यादव और रज्जू के कच्चे मकान भर भराकर गिर गए।रात 2 बजे राममूरत का मकान गिरने से खाने-पीने का सामान और गृहस्थी का पूरा सामान मलबे में दब गया।गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।विधवा महिला रानी का घर चारों तरफ से पानी से घिर गया।वह दूसरे के घर में रहने को मजबूर हैं।घरों में पानी घुसने से ग्रामीणों का राशन,घरेलू सामान खराब हो गया है।कई परिवार अपना घर छोड़कर गांव की मुख्य रोड और ऊंचे स्थानों पर खुले में रहने को मजबूर हैं।घरों में रखा भूसा पानी में भीगकर सड़ गया है।अब मवेशियों को वही सड़ा भूसा खिलाना पड़ रहा है।जिससे पशुओं के बीमार होने का खतरा बढ़ गया है।पूरी रात ग्रामीण जागकर पानी से जूझते रहे।कई ने 4 फुट तक दरवाजे ईंट-मिट्टी से बंद किए पर तेज बहाव में सब बेअसर रहा।गलियों में तेज बहाव के कारण ग्रामीण घरों में कैद हैं।बीमारों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।जिसके चलते हर बारिश में यही हाल होता है।ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी नाले निर्माण की मांग की है और सचिव अजीत पाल पर समय पर उचित कदम न उठाने का आरोप लगाया है।वहीं का कहना है कि रात में ही जेसीबी लगाकर पप्पू अवस्थी के मकान के पास खुदाई कर पानी निकासी कराई जा रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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