संभावित बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट
डीएम ने विभागवार तैयारियों की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश, तटबंधों व संवेदनशील इलाकों पर बढ़ाई जाएगी निगरानी
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ ने रविवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय एवं तकनीकी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में बाढ़ की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत विभागवार तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया।
बैठक में हथुआ अनुमंडल के सभी बीडीओ, सीओ एवं कार्यपालक पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
तटबंधों और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी
बैकुंठपुर, सिधवलिया, बरौली, मांझा, गोपालगंज एवं कुचायकोट के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा के दौरान प्यारेपुर, फैजुल्लाहपुर, सलेमपुर, मेहदीपुर पकड़िया, रामपुर टेंगराही, जादोपुर दुखहरन एवं नीमुइंया समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने तटबंधों की लगातार निगरानी के साथ-साथ तटबंधों एवं छरकियों पर सैंड बैग तथा अन्य बाढ़ संघर्षणात्मक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
162 आश्रय स्थलों का होगा भौतिक सत्यापन
बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए चिह्नित 162 आश्रय स्थलों का भौतिक सत्यापन कराने, साफ-सफाई एवं आवश्यक मरम्मती कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही पॉलीथिन शीट समेत आवश्यक राहत सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने को कहा गया।
नाव, गोताखोर और आपदा मित्र रहेंगे मुस्तैद
बैठक में सरकारी एवं निजी नावों, गोताखोरों तथा आपदा मित्रों की अंचलवार उपलब्धता और तैनाती की समीक्षा की गई। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित निगरानी के साथ माइकिंग कराने का निर्देश दिया गया।
वहीं, नाव परिचालन पर लगाए गए प्रतिबंध एवं निषेधाज्ञा का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को अलर्ट रहने का निर्देश
बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए मोबाइल मेडिकल टीमों को मुस्तैद रखने तथा आकस्मिक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण करने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
पशुपालन विभाग को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था पहले से रखने का निर्देश दिया गया।
वहीं, डीपीओ आईसीडीएस को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की सूची तैयार कर संबंधित अंचलाधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
पेयजल, सड़क और बिजली व्यवस्था भी रहेगी दुरुस्त
पेयजल, सड़क एवं बिजली व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने पीएचईडी को आवश्यकतानुसार अस्थायी चापाकल लगाने, चापाकलों का उच्चीकरण एवं शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
पथ प्रमंडल को पुल-पुलियों की साफ-सफाई एवं बाढ़ पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने का निर्देश दिया गया।
विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुदृढ़ रखने तथा नंगे तारों की मरम्मती के लिए कुशल श्रमिकों को तैयार रखने का निर्देश दिया गया।
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : डीएम
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ ने स्पष्ट कहा कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी विभाग अपनी पूर्व तैयारियां समय रहते पूरी रखें और सूचना तंत्र को मजबूत बनाएं, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों को SOP का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने तथा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि आपदा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर आपदा प्रबंधन के सुसंगत नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












