विद्यार्थियों को मिलेगा शुद्ध और सुरक्षित पेयजल, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों और छात्रावासों में पेयजल व्यवस्था की होगी नियमित निगरानी
छूटे स्कूल पॉकेट्स में जलापूर्ति और पानी की प्रयोगशाला जांच में तेजी लाने का निर्देश
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। बच्चों और विद्यार्थियों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) की बैठक जिला पदाधिकारी समीर सौरभ की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और छात्रावासों में पेयजल व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के किसी भी विद्यालय या आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को दूषित अथवा असुरक्षित पानी की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
💧 उपलब्धता के साथ गुणवत्ता पर भी जोर
बैठक में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों के छूटे हुए स्कूल पॉकेट्स में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
डीएम ने पेयजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी पर विशेष जोर देते हुए छात्रावासों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, आंबेडकर आवासीय विद्यालयों सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों से पानी के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच कराने का निर्देश PHED अधिकारियों को दिया।
उन्होंने कहा कि केवल पानी की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी जरूरी है। जांच में किसी प्रकार की कमी मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
🤝 विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश
शिक्षा विभाग, ICDS और PHED के अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने तथा पेयजल से जुड़े सभी लंबित कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि विभागीय समन्वय की कमी के कारण बच्चों को किसी भी मूलभूत सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
बैठक में जिले में पाइप वाटर सप्लाई, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की उपलब्धता, छूटे क्षेत्रों में जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता जांच सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और नियमित प्रगति समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
स्वच्छता योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक के दौरान जिला जल एवं स्वच्छता समिति के तहत संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने मल कीचड़ प्रबंधन (FSM), ग्रामीण स्वच्छता तथा LSBA के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
FSM के लिए अंतरिम समाधान के रूप में Row Entrenchment (DRE) के निर्माण हेतु प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके अलावा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में Filter Chamber निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता संबंधी योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में डायरेक्टर DRDA राकेश चौबे, डायरेक्टर NEP DRDA बैजू कुमार, कार्यपालक अभियंता PHED, DPO ICDS, DPO मनरेगा, DPM जीविका एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, गोपालगंज सहित संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
डीएम का स्पष्ट संदेश: बच्चों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं
जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ पेयजल बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र विकास से सीधे जुड़ा हुआ है। इसलिए पेयजल और स्वच्छता से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।












