विकास योजनाओं की डीएम ने की गहन समीक्षा, लंबित कार्यों पर सख्ती
सांसद निधि से मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना तक परखी प्रगति, भूमि विवाद-अतिक्रमण के मामलों के शीघ्र निपटारे का निर्देश
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव
गोपालगंज। जिले में चल रही विकास योजनाओं की रफ्तार अब प्रशासन की प्राथमिकता में है। शनिवार को NIC कक्ष में जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने योजना एवं विकास विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की। बैठक में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना, पंचायत सरकार भवन, महादलित सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन और कब्रिस्तान घेराबंदी समेत कई योजनाओं की बिंदुवार प्रगति खंगाली गई।
डीएम ने योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति, निर्माण की वर्तमान स्थिति और कार्यों में आ रही बाधाओं की जानकारी ली। समीक्षा में सामने आया कि कई योजनाएं भूमि विवाद, अतिक्रमण, सीमांकन, आवंटन की कमी, स्थानीय ग्रामीणों के विरोध तथा न्यायालय में मामला लंबित रहने के कारण प्रभावित हैं। डीएम ने ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी रोकने का निर्देश दिया।
सांसद निधि की 261 योजनाओं की प्रगति परखी
सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत जिले में कुल 261 योजनाओं की अनुशंसा की गई है। इनमें 145 योजनाएं स्वीकृत, जबकि 94 योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं 51 योजनाएं निर्माणाधीन हैं। कुछ योजनाएं अस्वीकृत हैं तो कई अभी स्वीकृति की प्रक्रिया में लंबित हैं।
बैठक में प्राक्कलन उपलब्ध नहीं होने तथा अनापत्ति प्रमाण-पत्र से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने और मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना में भी तेजी का निर्देश
वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2026-27 तक मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपलब्ध प्रतिवेदन के अनुसार कुल 1672 योजनाओं की अनुशंसा की गई है, जिनमें 1443 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत योजनाओं का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग हो और किसी भी स्तर पर उत्पन्न समस्या के समाधान के लिए तत्काल पहल की जाए।
पंचायत सरकार भवनों पर डीएम की विशेष नजर
बैठक में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण को लेकर विशेष समीक्षा की गई। पंचायतवार निर्माण की स्थिति की जानकारी लेते हुए डीएम ने अधूरे भवनों को तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया।
बैकुंठपुर प्रखंड के कटालपुर और सिरसामनपुर, हथुआ के छाप और बरईसर तथा भोरे प्रखंड के बनकटा जागीरदारी पंचायत सरकार भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। बनकटा जागीरदारी भवन हस्तगत भी किया जा चुका है।
वहीं सिधवलिया प्रखंड के जलालपुर, अमरपुरा, बुधसी और बुचेया में निर्माण कार्य अलग-अलग चरणों में चल रहा है। जलालपुर में भूतल की छत के कॉलम का कार्य 50 प्रतिशत तथा अमरपुरा में फाउंडेशन का कार्य 15 प्रतिशत पूरा हुआ है। बुधसी में भूतल की छत ढलाई के बाद ईंट चिनाई का कार्य जारी है।
मांझा प्रखंड के बथुआ और पैठानपट्टी पंचायत सरकार भवनों की भी समीक्षा हुई। पैठानपट्टी में निर्माण कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण बताया गया, जबकि बथुआ में प्रथम तल की छत ढलाई का कार्य 60 प्रतिशत पूरा हुआ है। हालांकि बथुआ की योजना न्यायालयीन मामले के कारण प्रभावित है।
भूमि विवाद और अतिक्रमण बने बड़ी बाधा
समीक्षा में कई योजनाओं के सामने भूमि विवाद और अतिक्रमण बड़ी चुनौती के रूप में सामने आए। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों के विरोध के कारण नए स्थल का चयन किया जा रहा है, जबकि कई जगह अतिक्रमण हटाने और दोबारा सीमांकन की कार्रवाई चल रही है।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमि विवाद, अतिक्रमण और अन्य प्रशासनिक अड़चनों के कारण विकास कार्य लंबे समय तक बाधित नहीं रहने चाहिए। संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से ऐसे मामलों का शीघ्र समाधान करें।
कुचायकोट प्रखंड के बनकटा पंचायत सरकार भवन की भी समीक्षा की गई, जहां भूतल के कॉलम की ढलाई का कार्य 25 प्रतिशत पूरा बताया गया।
महादलित भवन से कब्रिस्तान घेराबंदी तक की समीक्षा
बैठक में महादलित सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड, आंगनबाड़ी केंद्र भवन और कब्रिस्तान घेराबंदी की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। पूर्ण, निर्माणाधीन और विभिन्न कारणों से लंबित योजनाओं की स्थिति जानी गई।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी विभागीय समन्वय की आवश्यकता हो, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीएम का स्पष्ट संदेश—काम में नहीं चलेगी अनावश्यक देरी
जिला पदाधिकारी ने कहा कि विकास योजनाओं का सीधा उद्देश्य आम लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने भूमि, अतिक्रमण, आवंटन या अन्य प्रशासनिक कारणों से लंबित योजनाओं का समाधान कर उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, पंचायती राज पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।











