जीविका दीदियों की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव
गोपालगंज। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बिहार सरकार की पहल को नई गति देते हुए गोपालगंज प्रखंड के भितभेरवा गांव में जीविका द्वारा संचालित जीविका सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र का शुभारंभ किया गया। जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ ने फीता काटकर केंद्र का उद्घाटन किया।
उद्घाटन के बाद डीएम ने केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध दूध एवं विभिन्न दुग्ध उत्पादों, बिक्री व्यवस्था तथा उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र के संचालन से जुड़े कर्मियों और जीविका दीदियों से संवाद कर उनकी गतिविधियों एवं समस्याओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
गांव में मिलेगा शुद्ध दूध, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जीविका सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि गांव में ही दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध होने से पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इससे न केवल ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
जीविका दीदियों के उत्पादों को मिलेगा स्थानीय बाजार
जीविका के माध्यम से बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर विभिन्न आजीविका गतिविधियों में भाग ले रही हैं। ऐसे में दुग्ध बिक्री केंद्र पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जुड़ी महिलाओं के लिए उत्पाद से बाजार तक की दूरी कम करने वाला प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है।
जीविका सुधा केंद्र के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उत्पादित दूध एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा। इससे महिलाओं में उद्यमिता की भावना मजबूत होगी और वे अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में पहले से अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।
ग्रामीणों में खुशी, रोजगारपरक पहल की सराहना
भितभेरवा में सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र खुलने से स्थानीय ग्रामीणों में भी खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें गांव में ही दूध एवं अन्य दुग्ध उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। वहीं, स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने से गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव में इस तरह की जनोपयोगी और रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की नई प्रेरणा मिलेगी।
स्वच्छता और गुणवत्ता पर डीएम का विशेष जोर
केंद्र के सुचारू एवं सफल संचालन को लेकर जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और जीविका कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र पर स्वच्छता, उत्पादों की गुणवत्ता, उचित रख-रखाव और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
डीएम ने कहा कि किसी भी बिक्री केंद्र की सफलता के लिए उत्पाद की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने अधिक से अधिक स्थानीय दुग्ध उत्पादकों और जीविका दीदियों को इस पहल से जोड़कर उन्हें इसका लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
महिला सशक्तीकरण से मजबूत होगी गांव की अर्थव्यवस्था
जीविका सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र महज दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री का केंद्र नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की सरकारी पहल को ऐसे केंद्र नई गति दे रहे हैं। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और उद्यमिता बढ़ने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की संस्कृति को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन की ओर से भी ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगारपरक एवं जनोपयोगी गतिविधियों के क्रियान्वयन पर लगातार जोर दिया जा रहा है। भितभेरवा में शुरू हुआ यह केंद्र इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












