जनता के दरबार में डीएम ने 20 फरियादियों की सुनी समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई का निर्देश
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। बिहार सरकार की महत्वपूर्ण पहल “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के तहत सोमवार को जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ ने जनता के दरबार में पहुंचने वाले फरियादियों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। जिला पदाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित जनता के दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे 20 लोगों ने अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन सौंपे।
जिला पदाधिकारी ने प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को भेजते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि समस्या लेकर आने वाले किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगवाए जाएं और नियमानुसार जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई कर राहत उपलब्ध कराई जाए।
भूमि विवाद से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मामले
जनता के दरबार में भूमि विवाद, अतिक्रमण, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कई मामले सामने आए। उचकागांव प्रखंड के सिसवानिया निवासी राकेश यादव ने भूमि विवाद से संबंधित शिकायत रखी। थावे प्रखंड के लछवार निवासी राजपतों कुंवर ने भूमि संबंधी समस्या को लेकर आवेदन दिया।
हथुआ प्रखंड के मनीछापर निवासी अजय कुमार प्रजापति ने स्वास्थ्य विभाग में लैब टेक्नीशियन के मानदेय से संबंधित समस्या रखी। वहीं कटेया प्रखंड के पठकौली निवासी धनंजय कुमार ने शिक्षा विभाग से जुड़ी समस्या को लेकर आवेदन दिया।
बैकुंठपुर प्रखंड के फैसल शाहपुर निवासी जगदीश दास ने भूमि विवाद की शिकायत की, जबकि कुचायकोट प्रखंड के दुबे खरेया निवासी सुमन सिंह ने अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर जिला पदाधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया।
मौके पर अधिकारियों से ली जानकारी
कई मामलों में जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों से दूरभाष पर तत्काल जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन पर की जा रही कार्रवाई की वास्तविक प्रगति की निगरानी की जाए और समस्या के समाधान तक आवश्यक फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जाए।
“फरियादियों को सम्मानपूर्वक सुनना प्रशासन की जिम्मेदारी”
जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ ने कहा कि अपनी समस्या लेकर जिला प्रशासन के पास पहुंचने वाला प्रत्येक व्यक्ति महत्वपूर्ण है। उसकी बात को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही, संवेदनहीनता, टालमटोल अथवा अनावश्यक विलंब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। जहां तत्काल राहत संभव हो, वहां बिना विलंब के कार्रवाई की जाए।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और संवेदनशील समाधान बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता श्री राजेश्वरी पाण्डेय, डायरेक्टर डीआरडीए श्री राकेश चौबे सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।












