यूजीसी बिल के समर्थन एवं सरकार के नीतियों के विरुद्ध जनसभा
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट

स्थानीय प्रखंड-सह-अंचल परिसर में केंद्र व बिहार सरकार की नीतियों के विरुद्ध एवं यूजीसी बिल के समर्थन में शुक्रवार को भाकपा माले द्वारा विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। भाकपा माले के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत नौतन में पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा के नेतृत्व में नौतन भुलौनी मोड़ से मार्च निकाला गया, जो नौतन बाजार होते हुए मार्च प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय पर पहुंचा। उक्त मार्च वहां पहुंचकर विशाल सभा में तब्दील हो गया। सभा को सम्बोधित करते हुए पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार मजदूरों को धोखा दे रही है। मनरेगा कानून में समाप्त कर जी राम जी का झुनझुना दे रही है। केन्द्र और राज्य सरकार लगातार जनविरोधी कार्रवाई कर रही है और जनविरोधी कानून बना रही है। केन्द्रीय कमेटी के सदस्य नैमुद्दीन अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार सरकार गरीबों के घरों पर लगातार बुलडोजर चला रही है। जबकि बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था दिए गरीबों को उजाड़ना कानूनन अपराध है। इसके बड़े शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव को खत्म करने वाले कानून को दबाने की कोशिश करना सही नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि केवाईसी और मोटरसाइकिल के नाम पर राशन कार्ड से नाम काटे जा रहे हैं। अंचल एवं प्रखंड कार्यालय में धड़ल्ले से भ्रष्टाचार चल रहा है। भाकपा माले के जिला सचिव हसनाथ राम ने सभा के माध्यम से मांग करते हुए कहा कि मजदूरों को सात सौ रुपए मजदूरी दिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि बड़े शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव को समाप्त करने वाले यूजीसी कानून को लागू नहीं करना एक बड़ा धोखा है। इनके अलावा सीपीएम जिला सचिव फूल मोहम्मद अंसारी, माले नेता पवन कुशवाहा, मदन यादव, अच्छेलाल सिंह, माया कुशवाहा, अर्जुन यादव आदि ने भी सभा को संबोधित किया। वही सभा की अध्यक्षता भाकपा माले के प्रखंड सचिव शिवजी साहनी ने की। इस मौके पर राजेश कुशवाहा, केशव बैठा, मुकुल खरवार, सुरेंद्र राम, पूर्व मुखिया जयचंद राम, सुभाष शर्मा सहित दर्जनों माले कार्यकर्ता मौजूद थे।











