आजादी के 79 साल बाद भी कटेया में बस स्टैंड का इंतज़ार, सड़क बनी अस्थायी पड़ाव, लोग बेहाल
गोपालगंज जिले के कटेया नगर पंचायत में आजादी के 79 वर्ष बीत जाने के बाद भी बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो सका है। हालात ऐसे हैं कि बसें आज भी सड़कों पर ही खड़ी होती हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार कटेया से प्रतिदिन लगभग दर्जनों बसें बिहार की राजधानी पटना सहित उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के लिए आती-जाती हैं। बावजूद इसके, यहां बस स्टैंड की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है, जिससे बारिश, धूप और धूल में उन्हें काफी दिक्कत झेलनी पड़ती है।
सड़क पर ही बसों के रुकने से यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो जाती है। अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को घंटों फंसे रहना पड़ता है। इसके साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत बनने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा, लेकिन बस स्टैंड जैसी मूलभूत सुविधा आज भी सपना बनी हुई है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि सुशासन की सरकार में भी कटेया नगर पंचायत आखिर ऐसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित क्यों है? स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बस स्टैंड निर्माण की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और यातायात व्यवस्था सुचारू हो सके।












