फुलवरिया में पोषण ट्रैकर के नाम पर ठगी की कोशिश,आंगनबाड़ी लाभुकों में दहशत
फोनपे पर ₹1 भेजकर पिन मांगने की साजिश, विभाग ने जारी की सख्त चेतावनी
फुलवरिया (गोपालगंज)।
फुलवरिया प्रखंड क्षेत्र में बाल विकास परियोजना के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े लाभुकों के बीच शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कई गर्भवती महिलाओं और अन्य लाभार्थियों के मोबाइल पर “पोषण ट्रैकर” के नाम पर फ्रॉड कॉल आने लगे।
कॉल करने वाले खुद को बाल विकास परियोजना कार्यालय का कर्मी बताते हुए लाभुकों को पोषण योजना के तहत रुपये भेजे जाने का झांसा दे रहे थे। ठगों ने लाभुकों से पोषण ट्रैकर का पासवर्ड, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी मांगी। इतना ही नहीं, उन्होंने फोनपे पर ₹1 भेजकर उसे चेक करने और पिन दर्ज करने के लिए भी कहा।
जब लाभुकों ने फोनपे ऐप खोला तो पिन दर्ज करने का विकल्प सामने आया, जिससे उन्हें संदेह हुआ। ठगी की आशंका होते ही लाभुकों ने तुरंत अपने-अपने पोषक क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविकाओं से संपर्क कर पूरी जानकारी दी।
आंगनबाड़ी सेविकाओं ने स्पष्ट किया कि विभाग की ओर से ऐसी किसी भी कॉल या राशि भेजे जाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सेविकाओं ने सभी लाभुकों को सतर्क रहने की सलाह दी।
बाल विकास परियोजना कार्यालय ने भी साफ किया है कि विभाग कभी भी फोन पर पासवर्ड, ओटीपी, पिन या किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की जानकारी मांगता है तो यह ठगी का प्रयास हो सकता है।
विभाग ने सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं और लाभुकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें और बैंकिंग या डिजिटल भुगतान संबंधी जानकारी साझा न करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत स्थानीय कार्यालय या पुलिस को देने की सलाह दी गई है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है और लाभुकों को डिजिटल ठगी से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।











