गणतंत्र दिवस पखवाड़ा में बाल श्रम उन्मूलन पर जागरूकता कार्यक्रम, मुरादपुर में बच्चों ने दिया बाल श्रम मुक्त जिला का संदेश
जिला पदाधिकारी श्री रिची पाण्डेय के निर्देशों के अनुपालन में गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर जिला प्रशासन, सीतामढ़ी द्वारा गणतंत्र दिवस पखवाड़ा के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग तथा प्रथम संस्था के संयुक्त तत्वावधान में मुरादपुर पंचायत स्थित आदर्श मध्य विद्यालय–सह–उच्च माध्यमिक विद्यालय, मुरादपुर के प्रांगण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय बाल श्रम उन्मूलन रहा। कार्यक्रम के दौरान पेंटिंग, संगीत, निबंध लेखन, संवाद प्रस्तुति तथा बाल श्रम के विरुद्ध शपथ जैसे विविध रचनात्मक एवं जागरूकता आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। छात्र–छात्राओं मुस्कान, कनक, स्नेहा, कोमल, विक्की एवं राहुल आदि ने विभिन्न माध्यमों से बाल श्रम मुक्त जिला का सशक्त संदेश दिया तथा शिक्षा के महत्व पर विशेष बल दिया।
इस अवसर पर श्रम अधीक्षक रमाकांत ने अपने संबोधन में कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक कलंक है, जिसे समाप्त करने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक बच्चे का अधिकार है कि वह शिक्षा प्राप्त करे और सुरक्षित वातावरण में अपना भविष्य संवार सके। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए नियमित निरीक्षण, कानूनी कार्रवाई एवं जन-जागरूकता तीनों समान रूप से आवश्यक हैं। आमजन की सूचना एवं सहयोग से ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। किसी होटल, ढावा, दुकान आदि पर बच्चा काम करते दिखे तो विभाग के व्हाट्सअप नंबर 9471229133 पर बच्चे को काम करते फोटो एवं पता सहित जरूर भेजे | तत्काल विमुक्त कर नियोजक पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी | प्रथम संस्था के जिला समन्वयक सुधीर कुमार ने कहा कि प्रथम संस्था का निरंतर प्रयास है कि प्रत्येक बच्चा स्कूल से जुड़े और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे। बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण के लिए शिक्षा सबसे सशक्त माध्यम है|मुरादपुर पंचायत के मुखिया संजीव कुमार बाजितपूरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि पंचायत स्तर पर बाल श्रम के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। पंचायत को बाल श्रम मुक्त बनाने हेतु समुदाय, विद्यालय एवं अभिभावकों के साथ मिलकर निरंतर प्रयास किए जाएंगे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार राय एवं चंचला कुमारी ने संयुक्त रूप से कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम भी है। बच्चों को बाल श्रम से दूर रखकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में प्रथम संस्था की टीम से बिरेंद्र कुमार, विनीता कुमारी, रौशन कुमार सहित शिक्षक नंदकिशोर, झुन्नू कुमार, वंदना कुमारी, रिमझिम, पुष्पा, स्वेता, शशि शरण, सुधा, रम्भा, अशोक, किरण, अजीम इकबाल, बबिता, रिया, मंटू प्रसाद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन बाल श्रम के विरुद्ध सामूहिक शपथ के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने बाल श्रम उन्मूलन एवं प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लिया।












