टाइटल सूट के बीच जमीन की दाखिल-खारिज पर विवाद, अंचल कार्यालय की कार्यशैली पर उठे सवाल
मोहनपुर के बबलू राय ने डीएम और डीसीएलआर से की शिकायत, न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद कार्रवाई का लगाया आरोप
कटेया/ गोपालगंज
कटेया प्रखंड क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी बबलू राय, पिता सुखारी राय ने अपनी पुश्तैनी जमीन को लेकर अंचल कार्यालय की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए वरीय अधिकारियों से शिकायत की है। पीड़ित के अनुसार, उनकी जमीन खाता संख्या-88, खेसरा संख्या-155 एवं 156, कुल रकबा 8 बीघा 5 कठ्ठा 2 धुर, थाना संख्या-139 तथा जमाबंदी संख्या-82 से संबंधित है।
बबलू राय का आरोप है कि डीह बेल्ही गांव निवासी जैनेंद्र राय, पिता विभूति राय ने उक्त जमीन की कथित रूप से गलत तरीके से रजिस्ट्री करा ली। जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद बढ़ने के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां इस संबंध में टाइटल सूट विचाराधीन बताया जा रहा है।
पीड़ित का कहना है कि मामला न्यायालय में लंबित रहने के दौरान जैनेंद्र राय की ओर से अंचल कार्यालय में जमीन को खारिज दाखिल कराने से संबंधित आवेदन दिया गया। इस पर बबलू राय ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि जब जमीन के स्वामित्व का विवाद न्यायालय में विचाराधीन है, तब अंचल स्तर से किसी प्रकार की एकतरफा कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
डीएम और डीसीएलआर तक पहुंचा मामला
पीड़ित के अनुसार, उन्होंने मामले को लेकर गोपालगंज जिलाधिकारी के समक्ष भी शिकायत की थी। शिकायत के बाद डीएम स्तर से संबंधित अंचलाधिकारी को मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जाने की बात पीड़ित ने कही है। इसके बाद बबलू राय ने डीसीएलआर के समक्ष भी अपनी शिकायत रखी।
पीड़ित का आरोप है कि इसके बावजूद स्थानीय अंचल कार्यालय द्वारा मामले में कार्रवाई करते हुए दाखिल-खारिज की प्रक्रिया नए सिरे से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया। बबलू राय ने इस पूरी कार्रवाई में अंचल स्तर पर दूसरे पक्ष से मिलीभगत का आरोप लगाया है।
न्यायालय में मामला लंबित, फिर भी कार्रवाई का आरोप
पीड़ित का कहना है कि जब जमीन के स्वामित्व को लेकर न्यायालय में टाइटल सूट चल रहा है, तो ऐसी स्थिति में अंचल कार्यालय द्वारा जमीन से संबंधित किसी भी प्रक्रिया में जल्दबाजी क्यों की जा रही है, यह जांच का विषय है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, न्यायालय में लंबित मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए राजस्व अभिलेखों की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में अंचलाधिकारी कटेया से जब टेलिफोनिक संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि खारिज दाखिल की कार्रवाई विभागीय आदेश के आलोक में किया गया है।










