शिक्षा के मंदिर’ में ‘धाय-धाय गोली’: कटेया के सरकारी स्कूल में शिक्षक के जन्मदिन पर बजा अश्लील गाना, वीडियो वायरल
गोपालगंज। बिहार के सरकारी विद्यालयों को ‘शिक्षा का मंदिर’ कहा जाता है, जहाँ बच्चों का भविष्य संवारा जाता है। लेकिन गोपालगंज जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और गुरु की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक सरकारी स्कूल परिसर के भीतर छात्र-छात्राओं के बीच डीजे पर “चलि यारवा का बर्थडे में धाय-धाय गोली” जैसा भड़काऊ और अश्लील गाना बजता सुनाई दे रहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह वायरल वीडियो किसी क्लब या डिस्को का नहीं, बल्कि गोपालगंज जिले के कटेया प्रखंड अंतर्गत बेलही खास मॉडर्न विद्यालय का बताया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम बीते 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) का है। इस खास मौके पर विद्यालय के शिक्षक देवेंद्र यादव का जन्मदिन स्कूल परिसर में ही मनाया जा रहा था। सेलिब्रेशन के दौरान बच्चों की मौजूदगी में तेज आवाज में डीजे बजाया गया और उस पर हथियारों व गोलीबारी को बढ़ावा देने वाले गानों का प्रसारण किया गया।
शिक्षा का मंदिर या मनोरंजन क्लब?
इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर बच्चों को संस्कार और नैतिकता का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए, वहाँ इस तरह के माहौल ने स्कूल को एक मनोरंजन क्लब में तब्दील कर दिया है।सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि:जब ज्ञान के केंद्र में इस तरह के गानों और अभद्र सेलिब्रेशन को बढ़ावा दिया जाएगा, तो वहाँ पढ़ने वाले मासूम छात्र-छात्राओं के कोमल मन पर इसका क्या असर पड़ेगा?गन-कल्चर और अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले इन गानों से समाज में क्या संदेश जाएगा?
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
बिहार शिक्षा विभाग इन दिनों स्कूलों में अनुशासन को लेकर काफी सख्त रवैया अपनाए हुए है। ऐसे में स्कूल परिसर के भीतर हुई इस अमर्यादित घटना ने स्थानीय प्रशासन की चौकसी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस शर्मनाक वीडियो के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन आरोपी शिक्षक देवेंद्र यादव और स्कूल प्रबंधन पर क्या ठोस दंडात्मक कार्रवाई करता है।
हालांकि अखंड भारत न्यूज़ इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है
