तस्करी का मामला,ग्रामीणों में आक्रोश
बांदा-बबेरू रोड पर ग्राम पंचायत मुरवल से गौ तस्करी का संदिग्ध मामला सामने आया जिसमे रात्रि 12 बजे ग्राम प्रधान आलमपुर मोइन खान व उसके 8-10 साथियों द्वारा लगभग 100 गोवंशों को हांककर ले जाते हुए मुरवल के ग्रामीणों ने पकड़कर मुरवल चौकी पुलिस को सौंपा।गौेरक्षा समिति के जिलाध्यक्ष महेश प्रजापति ने बताया कि मामले पर ग्राम पंचायत सचिव से पूछा गया कि क्या आपने रात्रि में गोवंश ले जाने का आदेश दिया तो सचिव ने साफ मना किया।कहा कि मैंने कोई आदेश नहीं दिया।मुझे जानकारी ही नहीं है।सचिव ने बताया गौशाला में वर्तमान में मात्र 60-65 गोवंश संरक्षित हैं।इस मामले को लेकर जब खंड विकास अधिकारी बबेरू को कई बार फोन से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो कॉल रिसीव नहीं किया।इससे यह प्रतीत होता है कि यह सब मनगढ़ंत तरीके से और मिलीभगत से गोवंशों की तस्करी की जा रही है।आखिर एक जिम्मेदार अधिकारी फोन क्यों नहीं उठा रहा? जिलाध्यक्ष ने बयान जारी करते हुए बताया कि सचिव कह रहा है मुझे पता नहीं,बीडीओ फोन नहीं उठा रहा और प्रधान रात के 12 बजे 100 गोवंश लेकर जा रहा है।यह सीधे-सीधे गौशाला के नाम पर गौ तस्करी का खेल है।वही मुरवल के ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाई।लेकिन पुलिस द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्यवाही न करना दुर्भाग्यपूर्ण है।इससे लगता है कि यह प्रशासनिक संरक्षण के बिना संभव नहीं है।समिति ने मांग की कि बीडीओ बबेरू की भूमिका की भी जांच हो कि उन्होंने फोन क्यों नहीं उठाया।पकड़े गए सभी आरोपियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर डाले जाएं और लोकेशन और सीडीआर निकाली जाए।100 गोवंशों का कोई परमिट,पशु चिकित्सा प्रमाण पत्र नहीं है तो तत्काल एफआईआर दर्ज हो।पुलिस प्रशासन विशेष कार्यवाही करे ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो गौरक्षा समिति बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी और मुख्यमंत्री को शिकायत करेगी।गौ माता से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।
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