शिकायतों के निपटारे में देरी पर डीएम सख्त, कहा—लापरवाही बर्दाश्त नहीं
ग्रिवांस सेल की बैठक में जन शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन का दिया निर्देश
गोपालगंज ब्यूरो, आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ की अध्यक्षता में डीएम ग्रिवांस सेल की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जन शिकायतों के निष्पादन की विभागवार समीक्षा करते हुए डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्री गौरव कुमार, अपर समाहर्ता श्री राजेश्वरी पाण्डेय, अनुमंडल पदाधिकारी गोपालगंज डॉ. प्रेरणा सिंह, भू-अर्जन पदाधिकारी श्री अनिल कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री धर्मेंद्र कुमार, वरीय उप समाहर्ता श्री दिलीप कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं विभिन्न प्रखंडों के पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।
शिकायतों की विभागवार समीक्षा, लंबित मामलों पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान डीएम ने आमजनों से प्राप्त शिकायतों, आवेदनों तथा उनके निष्पादन की स्थिति की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से लंबित मामलों की जानकारी लेते हुए शिकायतों के समाधान में आ रही समस्याओं और विलंब के कारणों की पड़ताल की।
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सरकार की प्राथमिकता है।
कागजी कार्रवाई नहीं, समस्या का वास्तविक समाधान जरूरी
डीएम ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि किसी भी शिकायत के निपटारे का मतलब केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करना नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि किसी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। इसके लिए सभी पदाधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब या लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर करें निष्पादित
बैठक में लंबित शिकायतों एवं आवेदनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनके निष्पादन की कार्रवाई तेज की जाए।
जिन मामलों में दूसरे विभागों या किसी अन्य स्तर से समन्वय की आवश्यकता है, वहां संबंधित पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।
प्रखंड स्तर पर भी होगी नियमित मॉनिटरिंग
जिला पदाधिकारी ने प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित जन शिकायतों की नियमित समीक्षा करें और उनके निष्पादन की अद्यतन स्थिति पर लगातार नजर रखें।
उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए तथा शिकायतकर्ता को नियमानुसार की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए। इससे न केवल शिकायतों का समाधान होगा, बल्कि आम लोगों का प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े प्रखंड पदाधिकारी
बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि प्रखंड स्तरीय अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। इस दौरान प्रखंडवार शिकायतों और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक जवाबदेही तय करने पर जोर
डीएम ने अधिकारियों को अपने दायित्वों के प्रति पूरी तरह सजग रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों से जुड़े प्रत्येक मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और संबंधित पदाधिकारी को शिकायत की स्थिति की लगातार जानकारी रखनी होगी।
उन्होंने कहा कि शिकायतों का समय पर निष्पादन होने से आम जनता को राहत मिलेगी और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के साथ निस्तारित करते हुए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से जन शिकायतों के समाधान में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया।












