टीबी मरीजों के लिए ‘निक्षय मित्र’ बने डीएम समीर सौरभ, खुद पहुंचाई पोषण किट
दूसरी किस्त में मरीजों को मिला पौष्टिक आहार, डीएम ने कहा—दवा के साथ संतुलित भोजन भी जरूरी
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने और टीबी मरीजों को उपचार के साथ बेहतर पोषण उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल लगातार जारी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी समीर सौरभ ‘निक्षय मित्र’ की भूमिका में आगे आए और सोमवार को टीबी मरीजों के बीच पौष्टिक आहार किट की दूसरी किस्त का वितरण किया।
जिला पदाधिकारी के कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीएम ने मरीजों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य, उपचार और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने, चिकित्सकों की सलाह का पालन करने और संतुलित एवं पौष्टिक आहार का सेवन करने के लिए प्रेरित किया।
‘दवा बीच में न छोड़ें, नियमित उपचार से पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं’
डीएम समीर सौरभ ने कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर बीमारी की पहचान, चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार नियमित उपचार और पौष्टिक भोजन के सेवन से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने मरीजों से अपील की कि उपचार के दौरान किसी भी परिस्थिति में दवा बीच में न छोड़ें और चिकित्सकों की सलाह का पूरी तरह पालन करें।
उन्होंने कहा कि टीबी के उपचार में दवाओं के साथ-साथ बेहतर पोषण की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। कमजोर पोषण मरीज की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में ‘निक्षय मित्र’ बनकर सक्षम नागरिक टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
समाज के सक्षम लोगों से ‘निक्षय मित्र’ बनने की अपील
जिलाधिकारी ने समाज के सक्षम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और अन्य संस्थाओं से आगे बढ़कर ‘निक्षय मित्र’ बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को इलाज के दौरान अपनापन और सामाजिक सहयोग मिलने से उनका मनोबल बढ़ता है और उपचार की प्रक्रिया भी मजबूत होती है।
हर माह मिलेगी पोषण किट की सहायता
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि टीबी मरीजों के बीच पौष्टिक आहार किट का वितरण प्रत्येक माह नियमित रूप से किया जाएगा। सोमवार को मरीजों को इसी क्रम में दूसरी किस्त के रूप में पोषण किट उपलब्ध कराई गई। इसका उद्देश्य उपचार की पूरी अवधि के दौरान मरीजों को निरंतर पोषण सहायता उपलब्ध कराना है।
उपचार और निगरानी में लापरवाही नहीं करने का निर्देश
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि टीबी मरीजों के उपचार और निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराने के साथ उनकी नियमित जांच और उपचार की स्थिति की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में टीबी मरीजों की पहचान, जांच और उपचार का अभियान लगातार जारी है। संदिग्ध मरीजों की जांच कर संक्रमित पाए जाने पर उनका उपचार शुरू किया जा रहा है। टीबी मरीजों को आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं तथा उनके उपचार की नियमित निगरानी भी की जाती है।
‘निक्षय मित्र’ पहल के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को टीबी मरीजों की सहायता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उपचार के दौरान मरीजों को पोषण, सामाजिक सहयोग और आवश्यक सहायता मिल सके।
कार्यक्रम में संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।












