पर्यावरण व गंगा समिति की बैठक संपन्न
बादा से सनम मलिक की रिपोर्ट
बांदा-जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।पर्यावरण संरक्षण,वृक्षारोपण,ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन,जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन तथा नदियों के संरक्षण सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।वृक्षारोपण के अंतर्गत विभागवार निर्धारित लक्ष्य एवं उसके सापेक्ष प्रगति की समीक्षा की गई।रोपित पौधों की जियोटैगिंग,सुरक्षा एवं सिंचाई व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली गई।वन विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा कराए गए वृक्षारोपण की सत्यापन रिपोर्ट की समीक्षा की गई।जिस पर ग्राम विकास विभाग एवं सहकारिता उद्योग विभाग नगर विकास विभाग की सत्यापन प्रगति खराब पाए जाने पर स्पष्टीकरण के साथ कार्य में प्रगति लाये जाने के निर्देश दिए।जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन,प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति की समीक्षा की गई।यूपीईसीपी पोर्टल पर संबंधित विभागों द्वारा की जा रही कार्यवाही की समीक्षा की गई।एक जिला-एक नदी थीम के अंतर्गत नदियों के संरक्षण एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई।यमुना नदी के किनारे चिन्हित 25 आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) के संरक्षण एवं प्रबंधन के संबंध में जानकारी ली गई।गंगा आरती के आयोजन एवं संबंधित व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।जिलाधिकारी ने समस्त खंड विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वृक्षारोपण के अंतर्गत लगाए गए पौधों का स्थलीय सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि पौधे निर्धारित स्थानों पर लगाए गए हैं,उनकी जियोटैगिंग पूर्ण है,ट्री-गार्ड उपलब्ध हैं तथा पौधों की सुरक्षा एवं सिंचाई की उचित व्यवस्था है।इसकी सत्यापन रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर जिला पर्यावरण समिति को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को और प्रभावी एवं व्यवस्थित किए जाने के निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग (पीडी) को निर्देशित किया कि जनपद में अपशिष्ट के डंपिंग एवं प्रबंधन की स्थिति की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।सभी खंड विकास अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि उनके क्षेत्र में अपशिष्ट का डंपिंग कहां-कहां हो रहा है।संबंधित स्थान अपशिष्ट प्रबंधन के लिए उपयुक्त है अथवा नहीं तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था है या नहीं,इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थलों एवं बाजारों में प्लास्टिक पॉलिथीन के उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।मंडियों एवं बड़े बाजारों में दुकानदारों एवं वेंडरों को प्लास्टिक पॉलिथीन के स्थान पर कपड़े अथवा अन्य पर्यावरण अनुकूल बैग के उपयोग के लिए प्रेरित एवं सुनिश्चित किया जाए।सब्जी एवं अन्य सामग्री के वितरण में प्लास्टिक पॉलिथीन के स्थान पर कपड़े के बैग का उपयोग बढ़ाया जाए तथा इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता भी सुनिश्चित की जाए।उपनिदेशक कृषि को निर्देशित किया कि जनपद में प्राकृतिक एवं जैविक खेती के संबंध में रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।रिपोर्ट में पिछले वर्ष प्राकृतिक एवं जैविक खेती के अंतर्गत आच्छादित क्षेत्रफल तथा वर्तमान वर्ष के क्षेत्रफल का विवरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने हेतु संचालित योजनाओं एवं किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।प्राकृतिक एवं जैविक खेती के सत्यापन की प्रक्रिया में प्रगति बढ़ाने तथा अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।निर्देशों के अनुपालन में शिथिलता पाए जाने पर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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