सुविधाएं भरपूर, डॉक्टर नदारद! दो चिकित्सकों के भरोसे चल रहा कटेया रेफरल अस्पताल
कटेया। गोपालगंज जिले के कटेया रेफरल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों डॉक्टरों की कमी से जूझ रही है। लंबे समय से यह अस्पताल महज दो डॉक्टरों के भरोसे संचालित हो रहा है। अस्पताल में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. भगवान लाल सिंह के अलावा सिर्फ डॉ. राजेश कुमार ही कार्यरत बताए जा रहे हैं।
कटेया रेफरल अस्पताल का कार्यक्षेत्र काफी बड़ा है। 11 पंचायतों के साथ-साथ एक नगर पंचायत के बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। ऐसे में अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी से स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में इलाज से जुड़ी कई सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन पर्याप्त संख्या में डॉक्टर नहीं होने के कारण इन सुविधाओं का पूरा लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। मरीजों की संख्या अधिक होने के बावजूद सिर्फ दो चिकित्सकों के सहारे अस्पताल का संचालन करना स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है।
ग्रामीणों के अनुसार, कई बार मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अतिरिक्त परेशानी और आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी आबादी की स्वास्थ्य जरूरतों को महज दो डॉक्टरों के भरोसे कैसे पूरा किया जा सकता है? सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन कटेया रेफरल अस्पताल में चिकित्सकों की कमी उन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती है।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और बिहार सरकार से तत्काल अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की नियुक्ति होने से क्षेत्र के मरीजों को समय पर और सुविधाजनक इलाज मिल सकेगा तथा उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।












