*बड़ी खबर: शराब तस्करी मामले में गिरफ्तार सिपाही को विधायक मंजीत सिंह ने पहले ही हटाने का दिया था आदेश, भ्रामक खबरों पर लगाया विराम।*
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज।। गोपालपुर थाना क्षेत्र में 333 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार हुए पुलिसकर्मियों के मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। बरौली विधायक मंजीत कुमार सिंह ने इस मामले में चल रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि आरोपी सिपाही अमित कुमार के आचरण को देखते हुए उन्होंने उसे अपनी सुरक्षा ड्यूटी से हटाने के लिए पहले ही लिखित अनुरोध किया था। विधायक मंजीत कुमार सिंह द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पत्र (Ref: 110/आ.का.) के अनुसार, उन्होंने दिनांक 09/05/2026 को ही पुलिस अधीक्षक, गोपालगंज को पत्र लिखकर सिपाही संख्या 415 अमित कुमार को अपने अंगरक्षक (Bodyguard) के पद से तत्काल प्रभाव से हटाने और उसकी जगह किसी अन्य जवान की प्रतिनियुक्ति करने का अनुरोध किया था। विधायक ने बताया कि उक्त सिपाही बिना सूचना के ड्यूटी से गायब रहता था, जिसके कारण उन्होंने यह औपचारिक कदम उठाया था। बता दें कि 12 मई 2026 को गोपालपुर थाना पुलिस ने वाहन जांच के दौरान एक ब्रेजा कार से 333 लीटर विदेशी शराब बरामद की थी। इस मामले में दो पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हुई थी जिसमे सिपाही/415 अमित कुमार (पिता- किशोर चौधरी, जिला- पश्चिम चम्पारण) तथा सिपाही/403 राहुल कुमार (पिता- बिनोद साहु, जिला- नवादा) शामिल है। पुलिस जांच में पुष्टि हुई कि ये दोनों जवान बिना किसी अनुमति के अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित होकर अवैध गतिविधियों में संलिप्त थे। सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में फैलाई जा रही खबरों पर संज्ञान लेते हुए विधायक मंजीत कुमार सिंह ने कहा की “हमने तत्काल प्रभाव से पुलिस एवं जिला प्रशासन को इस मामले में कठोरतम कार्यवाही हेतु निर्देशित किया है और गहन जाँच का आदेश दिया है। कानून से ऊपर कोई नहीं है। भ्रामक खबरें फैलाने वालों से जनता सावधान रहे।” गोपालगंज पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके विरुद्ध विभागीय स्तर पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही, पुलिस ने इनके निशानदेही पर शराब तस्करी में शामिल एक अन्य अभियुक्त अहमद रजा खान उर्फ सारुक को भी गिरफ्तार कर लिया है। नोट: विधायक मंजीत सिंह द्वारा 9 मई को लिखा गया पत्र और पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति इस बात की पुष्टि करते हैं कि विधायक ने आरोपी सिपाही के खिलाफ घटना से पहले ही शिकायत दर्ज कराई थी।












