गोपालगंज में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित, हत्या-लूट और साइबर अपराधों पर सख्ती के निर्देश।
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, गोपालगंज के तत्वावधान में शनिवार को जिला परिषद सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक ने की, जिसमें जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, अंचल पुलिस निरीक्षक, थानाध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में हत्या, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और साइबर अपराध से जुड़े मामलों के त्वरित एवं वैज्ञानिक अनुसंधान पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने सभी अनुसंधानकर्ताओं को निर्देश दिया कि गंभीर मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्यों का संग्रह, तकनीकी विश्लेषण और अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर आरोप पत्र समर्पित किया जाए।अपराध गोष्ठी में iGOT, ई-थाना, PSM, e-Sakshya, NAFIS, सहयोग, MediPass, iRAD और e-DAR समेत विभिन्न पुलिस पोर्टलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन पोर्टलों पर लंबित प्रविष्टियों को समय पर अद्यतन करने और तकनीकी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग कर पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आर्म्स एक्ट से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन, लंबित वारंट, इश्तेहार और कुर्की की कार्रवाई को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर भी विशेष बल दिया गया। साथ ही ERV-112 की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए आपातकालीन घटनाओं पर तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आगामी पंचायत आम चुनाव और महावीर अखाड़ा को देखते हुए जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई। पुलिस अधीक्षक ने सभी थानाध्यक्षों को शांति समिति की बैठक आयोजित करने, अफवाहों पर कड़ी नजर रखने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। महावीर अखाड़ा के दौरान डीजे, ऑर्केस्ट्रा और अश्लील प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने का भी आदेश दिया गया।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, प्रभावी अभियोजन, आधुनिक तकनीक का उपयोग और कानून-व्यवस्था का सुदृढ़ संधारण जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आम लोगों के साथ संवेदनशील और पेशेवर व्यवहार बनाए रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।












