यूपी सीमा तक चमचमाती डबल लेन, बिहार में 60 मीटर की बदहाली! आखिर कब जागेगा पथ निर्माण विभाग?
विजयीपुर/गोपालगंज।

बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाना क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र के बीच स्थित है, जहां विकास की तस्वीर दोनों राज्यों की सीमा पर बिल्कुल अलग नजर आती है।
उत्तर प्रदेश पथ निर्माण विभाग ने अपनी सीमा में बलुआ अफगान पुल से आगे बढ़ते हुए लगभग 200 मीटर तक चौड़ी और चमचमाती डबल लेन सड़क का निर्माण कर बिहार सीमा तक पहुंचा दिया है। इतना ही नहीं, सीमा पर आकर्षक स्वागत द्वार का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिससे आने-जाने वाले लोगों का स्वागत बेहतर तरीके से हो सके।
वहीं दूसरी ओर, बिहार की सीमा में प्रवेश करते ही विकास की रफ्तार थम जाती है। यहां महज 50 से 60 मीटर की दूरी तक सड़क आज भी टूटी-फूटी खरंजा और जर्जर हालत में है। वर्षों बीत जाने के बावजूद इस छोटे से हिस्से को पक्की सड़क में तब्दील नहीं किया जा सका है। इससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी और निराशा है।
यह सड़क केवल दो राज्यों को जोड़ने वाला मार्ग नहीं, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी जीवनरेखा है। सीमावर्ती गांवों के हजारों छात्र-छात्राएं प्रतिदिन उत्तर प्रदेश के बलुआ और आसपास के विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में पढ़ने जाते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के अधिकांश मरीज इलाज के लिए देवरिया मेडिकल कॉलेज का रुख करते हैं, जबकि लंबी दूरी की रेल यात्रा के लिए लोग भटनी रेलवे स्टेशन का उपयोग करते हैं।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि बिहार की ओर का यह छोटा सा हिस्सा भी बेहतर सड़क से जुड़ जाए तो व्यापार, परिवहन और पर्यटन को नई गति मिलेगी। दोनों राज्यों के बीच आवागमन आसान होगा और सीमावर्ती क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।
लोगों का सवाल है कि जब उत्तर प्रदेश अपनी सीमा तक आधुनिक सड़क बनाकर विकास की मिसाल पेश कर सकता है, तो बिहार में मात्र 50–60 मीटर सड़क का निर्माण वर्षों से अधूरा क्यों है? आखिर पथ निर्माण विभाग की यह उदासीनता कब खत्म होगी?
स्थानीय नागरिकों ने राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग से मांग की है कि इस जर्जर सड़क का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके और दोनों राज्यों के बीच संपर्क और अधिक मजबूत हो।












