18 निजी अस्पताल को आयुष्मान योजना से राज्य स्तर पर सूचीबद्ध करने के लिए डीएम सीतामढ़ी ने किया था अनुशंसा
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और आमजन के लिए सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी श्री रिची पाण्डेय द्वारा 18 निजी अस्पतालों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध करने की अनुशंसा राज्य स्तर पर भेजी गई है। राज्य स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद इन अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारी मरीजों का उपचार पूरी तरह नि:शुल्क किया जा सकेगा।
जिला प्रशासन की इस पहल से जिले के हजारों पात्र लाभार्थियों को अब बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सीय सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। अब गंभीर बीमारियों और जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी।
सूचीबद्ध अस्पतालों का विवरण एवं उपलब्ध विशेषताएं
जिन 18 निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना से जोड़े जाने की अनुशंसा की गई है, उनमें विभिन्न विशेषज्ञताओं की सुविधा उपलब्ध है। इनमें सामान्य शल्य चिकित्सा, अस्थि रोग, नेत्र रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, दंत एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी, सामान्य चिकित्सा, बाल चिकित्सा प्रबंधन आदि शामिल हैं।
सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- रामकली मेमोरियल हॉस्पिटल – जनरल सर्जरी एवं ऑर्थोपेडिक।
- कौशल्या हॉस्पिटल – जनरल सर्जरी।
- इंदु हॉस्पिटल – ऑर्थोपेडिक।
- एसपीडी डेंटल – ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी।
- जेके-सिटी हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर – जनरल सर्जरी।
6.ऑर्थोपेडिक सेंटर – ऑर्थोपेडिक।
- भगवती नर्सिंग होम – ऑर्थोपेडिक, जनरल मेडिसिन।
- आयुष हाई टेक हेल्थ केयर – जनरल सर्जरी।
- यास्को डेंटल हॉस्पिटल – ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी।
- आनंदी आई केयर – नेत्र रोग।
- रामसती देवी मेमोरियल हॉस्पिटल – ऑर्थोपेडिक, स्त्री एवं प्रसूति, जनरल मेडिसिन, ओरल सर्जरी।
- माता जानकी क्लिनिक – जनरल सर्जरी, बाल चिकित्सा प्रबंधन, जनरल मेडिसिन।
- एपेक्स हॉस्पिटल – जनरल सर्जरी।
- जेजे हॉस्पिटल – ऑर्थोपेडिक।
- बीसीएस नेत्रालय – नेत्र रोग।
- निर्मला आई हॉस्पिटल – नेत्र रोग।
17.गजाधर मेमोरियल हॉस्पिटल – जनरल सर्जरी, OBS & GYA।
- शिवगंगा इमरजेंसी हॉस्पिटल – जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक, OBS & GYA।
गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार सुविधा प्रदान की जाती है। इन अस्पतालों के जुड़ने से अब जिले के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गंभीर बीमारियों, दुर्घटनाओं, ऑपरेशन एवं अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का लाभ बिना किसी आर्थिक बोझ के मिल सकेगा।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से जटिल सर्जरी, हड्डी रोग उपचार, नेत्र सर्जरी, प्रसूति सेवाएं तथा दंत शल्य चिकित्सा जैसी सेवाएं स्थानीय स्तर पर सुलभ होंगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
शिकायत एवं संपर्क की व्यवस्था
यदि किसी लाभार्थी को उपचार में किसी प्रकार की असुविधा या समस्या होती है, तो वह आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम समन्वयक अथवा सिविल सर्जन, सीतामढ़ी से संपर्क कर सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लाभार्थियों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता या अतिरिक्त शुल्क वसूली पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया जारी
वर्तमान में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों एवं कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया निरंतर जारी है। पात्र लाभार्थी आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित केंद्रों पर जाकर अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। जिन परिवारों का नाम सूची में शामिल है, वे योजना का लाभ लेने के लिए शीघ्र कार्ड बनवाएं।
स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा मजबूती
जिला प्रशासन का मानना है कि निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकारी और निजी क्षेत्र के समन्वय से आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना संभव होगा।
जिलाधिकारी सीतामढ़ी श्री रिची पाण्डेय की यह पहल न केवल गरीब परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को भी एक नई दिशा देगी। आने वाले समय में और भी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ने की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है।











