गोपालगंज में विकास योजनाओं की समीक्षा, प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को समयसीमा में कार्य पूरा करने का दिया निर्देश
समाहरणालय सभाकक्ष में विभागवार समीक्षा बैठक, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, भवन, ग्रामीण कार्य एवं सिंचाई योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा
गोपालगंज ब्यूरो आशीष रंजन श्रीवास्तव की
जिले में संचालित महत्वपूर्ण विकास एवं निर्माण योजनाओं की प्रगति को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में विभागवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के माननीय कृषि मंत्री-सह-प्रभारी मंत्री, जिला गोपालगंज श्री विजय कुमार सिन्हा ने की। बैठक में विभिन्न कार्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की वर्तमान स्थिति, भौतिक प्रगति, कार्य पूर्ण होने की निर्धारित तिथि तथा निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिले में संचालित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए। निर्माणाधीन योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए संबंधित विभाग नियमित रूप से स्थल निरीक्षण एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करें। जिन योजनाओं में भूमि, वन स्वीकृति, विद्युत पोल एवं लाइन स्थानांतरण, जलजमाव अथवा अन्य तकनीकी कारणों से कार्य प्रभावित हो रहा है, उनका संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान कराने का निर्देश दिया गया।
सैनिक स्कूल में ऑडिटोरियम और आवासीय भवन का निर्माण
समीक्षा के दौरान कुचायकोट स्थित सैनिक स्कूल में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम की प्रगति की जानकारी ली गई। इस योजना की प्राक्कलित राशि 813.37 लाख रुपये है। कार्य 08 अगस्त 2025 को प्रारंभ हुआ था तथा 07 नवंबर 2026 तक कार्य पूरा करने की संभावित तिथि निर्धारित है। उपलब्ध प्रतिवेदन के अनुसार वर्तमान में निर्माण कार्य स्टेज लेवल पर है।
इसी सैनिक स्कूल में शिक्षण स्टाफ के लिए G+2 भवन, एक ब्लॉक में 12 क्वार्टर तथा कक्षा-4 कर्मचारियों के लिए आवास का निर्माण भी कराया जा रहा है। इस योजना की प्राक्कलित राशि 1187.63 लाख रुपये है। कार्य 29 अप्रैल 2025 को शुरू हुआ था और 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। वर्तमान में निर्माण कार्य प्रथम तल तक पहुंच चुका है।
हथुआ में 100 बेड के अनुमंडलीय अस्पताल का निर्माण 82 प्रतिशत पूरा
स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण परियोजना हथुआ में 100 बेड वाले अनुमंडलीय अस्पताल के निर्माण की भी समीक्षा की गई। BMSICL की इस योजना की प्राक्कलित राशि 26.06 करोड़ रुपये है। कार्य 04 दिसंबर 2024 को प्रारंभ हुआ था तथा 20 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने की संभावित तिथि निर्धारित है। प्रतिवेदन के अनुसार अस्पताल का निर्माण कार्य 82 प्रतिशत पूरा हो चुका है और वर्तमान में फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर है।
सड़क परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर
पथ निर्माण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान गोपालगंज बाईपास से संबंधित करीब 12.60 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना की प्रगति की जानकारी ली गई। इस योजना की प्राक्कलित राशि 10351.30 लाख रुपये है। कार्य 03 अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ था तथा 02 अप्रैल 2027 तक पूरा करने की संभावित तिथि निर्धारित है। परियोजना के तहत अर्थवर्क, GSB, WMM, DGBM, BC के साथ हाई लेवल ब्रिज एवं बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण शामिल है।
वहीं शुक्ल मोड़ से कल्याणपुर होते हुए मैकी-सरफराज पथ के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की योजना की भी समीक्षा हुई। करीब 7.16 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की प्राक्कलित राशि 3556.34 लाख रुपये है। कार्य 10 मार्च 2026 को प्रारंभ हुआ तथा 09 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। प्रतिवेदन के अनुसार अर्थवर्क, GSB एवं WMM सहित विभिन्न कार्य प्रगति पर हैं।
ग्रामीण सड़कों एवं पुल निर्माण की भी हुई समीक्षा
ग्रामीण कार्य विभाग, हथुआ के अंतर्गत हथुआ से खर्तिया पथ के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। योजना की प्राक्कलित राशि 1758.64 लाख रुपये है। कार्य 05 मई 2025 को शुरू हुआ था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार करीब 8.980 किलोमीटर सड़क का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य जारी है। लगभग 2.200 किलोमीटर CC कार्य भी पूर्ण बताया गया है।
विजयीपुर प्रखंड में अमवा घाट से खुथा पथ पर खनुआ नदी पर H.L. ब्रिज निर्माण की योजना भी समीक्षा के दायरे में रही। इसकी प्राक्कलित राशि 958.59 लाख रुपये है। कार्य 11 जून 2025 को शुरू हुआ था तथा 10 जून 2027 तक पूरा करने की संभावित तिथि है। प्रतिवेदन के अनुसार DPR के पुनरीक्षण के बाद कार्य आगे बढ़ाया गया है और दो पाइल का कार्य पूर्ण हो चुका है। जलजमाव के कारण कार्य प्रभावित होने की जानकारी भी दी गई।
सिंचाई योजनाओं की बाधाओं को दूर करने का निर्देश
सारण नहर प्रमंडल, भोर की दुलारपुर वितरणी एवं उससे निर्मित वितरण प्रणाली के पुनर्स्थापन से संबंधित योजना की भी समीक्षा की गई। योजना की प्राक्कलित राशि 5036 लाख रुपये है और इसकी भौतिक प्रगति 82.03 प्रतिशत दर्ज है। बैठक में विद्युत पोल विस्थापन तथा वन विभाग से संबंधित प्रक्रियाओं के कारण आ रही बाधाओं पर भी चर्चा हुई।
प्रभारी मंत्री ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। इसके लिए विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करें। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा योजनाओं की लगातार निगरानी करने पर जोर दिया। बैठक में अधिकारियों ने संबंधित योजनाओं की अद्यतन स्थिति से प्रभारी मंत्री को अवगत कराया।












