कलश यात्रा से लेकर विकास शिविर तक होंगे कई कार्यक्रम, पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर जिले में “श्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान” का आयोजन किया जा रहा है। इसको लेकर जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान की विस्तृत जानकारी दी।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य संत रविदास जी के समरसता, समानता और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज में सामाजिक सद्भाव और जागरूकता को मजबूत करना है।
18 से 20 अगस्त तक निकलेगी कलश यात्रा
अभियान के तहत 18 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 27 अगस्त 2026 से 15 फरवरी 2027 तक प्रत्येक गुरुवार को श्री संत रविदास विकास शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इन शिविरों का खास उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल टोलों में सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं से संबंधित आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन किया जाएगा।
खेल से लेकर AI और 3D प्रिंटिंग तक प्रशिक्षण
जिला स्तर पर अभियान के दौरान खेल-कूद प्रतियोगिता, साइकिल रैली, वाद-विवाद, निबंध एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए 3D प्रिंटिंग, AI और Industry 4.0 से संबंधित कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
आवासीय विद्यालयों में होंगे प्रेरणा सत्र
डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों में जिला पदाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक द्वारा प्रेरणा सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को संत रविदास जी के विचारों, सामाजिक समरसता और समानता के मूल्यों से परिचित कराया जाएगा।
“सिर्फ आयोजन नहीं, जन-जन तक पहुंचेगा संदेश”
जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने कहा कि अभियान का उद्देश्य महज कार्यक्रम आयोजित करना नहीं है, बल्कि संत रविदास जी के समरसता एवं समानता के संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और पात्र लाभुकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सभी कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अभियान के माध्यम से जिले में सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे की भावना को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।












