विजयीपुर में दुष्कर्म की घटनाओं पर फूटा जनाक्रोश, ऐपवा-भाकपा माले का प्रतिवाद मार्च
“दोषियों की गिरफ्तारी तक संघर्ष जारी रहेगा” — ऐपवा-भाकपा माले
विजयीपुर (गोपालगंज), 13 जून 2026।
विजयीपुर थाना क्षेत्र में 7 जून को एक ही दिन दो मासूम बच्चियों के साथ हुई कथित दुष्कर्म की घटनाओं के विरोध में शनिवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) और भाकपा माले के बैनर तले विजयीपुर बाजार में प्रतिवाद मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने इसमें भाग लेकर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और झंडे लेकर बाजार क्षेत्र का भ्रमण किया तथा “बलात्कारियों को गिरफ्तार करो”, “अपराधियों को संरक्षण देना बंद करो”, “बेटियां सुरक्षित नहीं, जवाब दो” जैसे नारे लगाए। मार्च के दौरान पूरे बाजार में जनाक्रोश का माहौल देखने को मिला।
प्रतिवाद मार्च का नेतृत्व भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य एवं ऐपवा नेत्री सीता देवी, रमावती देवी और सरोज देवी ने किया। वहीं भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुभाष पटेल, रमेश बैठा, इन्द्रजीत राम, प्रद्युम्न पासवान, ललन गुप्ता तथा श्रीराम कुशवाहा भी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
सभा को संबोधित करते हुए सीता देवी ने कहा कि एक ही दिन दो मासूम बच्चियों के साथ हुई घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं और यह महिला सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
रमावती देवी ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराध चिंता का विषय हैं तथा अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त होता दिखाई दे रहा है। सरोज देवी ने पीड़ित परिवारों को न्याय, सुरक्षा और उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।
सुभाष पटेल ने कहा कि गिरफ्तारी में हो रही देरी पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है। रमेश बैठा ने अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने का आरोप लगाया, जबकि इन्द्रजीत राम ने कहा कि इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।
प्रद्युम्न पासवान ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। ललन गुप्ता ने कहा कि महिलाओं पर बढ़ते हमले सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को उजागर करते हैं। वहीं श्रीराम कुशवाहा ने फास्ट ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाकर दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग की।
सभा के अंत में नेताओं ने दोनों घटनाओं के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और न्याय तथा महिला सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। साथ ही 21 जून को भोरे में आयोजित जन आक्रोश सभा में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया।











