रक्षाबंधन पर जीविका दीदियों को बिहार सरकार की बड़ी सौगात, हजारों महिलाओं के खाते में पहुंची स्वरोजगार की राशि
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
“समृद्ध महिला, समृद्ध बिहार” अभियान और जीविका निधि का शुभारंभ
महिलाओं की आर्थिक मजबूती से सशक्त होगा परिवार और ग्रामीण अर्थतंत्र
गोपालगंज। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार की महिलाओं के लिए राज्य सरकार ने बड़ी सौगात दी। गुरुवार को पटना के बापू सभागार से मुख्यमंत्री, बिहार सम्राट चौधरी ने “समृद्ध महिला, समृद्ध बिहार” अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम से गोपालगंज समाहरणालय स्थित NIC कक्ष से जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। जिले की महिला लाभुकों ने भी ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता की।
5,920 महिलाओं को पहली किस्त, 523 को दूसरी किस्त
अभियान का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार एवं आजीविका के अवसरों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। इसके तहत महिलाओं को उनकी रुचि और स्थानीय जरूरतों के अनुसार नया व्यवसाय शुरू करने अथवा पहले से संचालित कारोबार को विस्तार देने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
गोपालगंज जिले में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब तक 3,38,201 महिला लाभुकों को लाभ मिल चुका है। इसी क्रम में गुरुवार को जिले की 5,920 महिलाओं को प्रथम किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित की गई।
वहीं, सफलतापूर्वक स्वरोजगार शुरू कर चुकी 523 महिला लाभुकों को द्वितीय किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
इस राशि से महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, पशुपालन, किराना दुकान सहित अपनी पसंद और स्थानीय जरूरत के अनुरूप विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियां शुरू या विस्तारित कर सकेंगी। इससे परिवार की आमदनी बढ़ने के साथ ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
जीविका निधि से बड़े कारोबार को मिलेगा सहारा
कार्यक्रम में जीविका निधि का भी शुभारंभ किया गया। गोपालगंज जिले में प्राप्त कुल 291 आवेदनों में से प्रथम चरण में 25 लाभुकों को कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपये की ऋण राशि प्रदान की गई।
जीविका निधि के माध्यम से महिलाओं को अपने मौजूदा स्वरोजगार और आजीविका संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहयोग मिलेगा। इससे छोटे व्यवसायों को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के स्थायी साधनों को बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही महिलाएं
“समृद्ध महिला, समृद्ध बिहार” अभियान महज आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवार मजबूत होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ ने कहा कि जिला प्रशासन महिलाओं को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने लाभुक महिलाओं से प्राप्त राशि का सदुपयोग करते हुए अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने तथा अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने की अपील की।
रक्षाबंधन पर शुरू हुआ यह अभियान जिले की हजारों महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह खोलने वाला कदम माना जा रहा है। “समृद्ध महिला, समृद्ध बिहार” का संदेश अब आर्थिक मजबूती के साथ गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।












