मद्यनिषेध के लंबित मामलों पर डीएम सख्त, त्वरित निष्पादन का निर्देश
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। जिले में शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को समाहरणालय सभा कक्ष में जिला पदाधिकारी समीर सौरभ की अध्यक्षता में शराबबंदी एवं मद्यनिषेध से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले के सभी थानों के थानाध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और अपने-अपने क्षेत्रों में की गई कार्रवाई की जानकारी दी।
बैठक में लंबित शराब कांडों, जब्त शराब के विनष्टीकरण तथा शराब तस्करी में प्रयुक्त वाहनों के अधिहरण/राजसात की प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट किया कि मद्यनिषेध सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
27,629 लीटर से अधिक शराब से जुड़े मामले लंबित
समीक्षा के दौरान सामने आए आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल 2016 से 26 अगस्त 2026 तक जिले के विभिन्न थानों में शराब से संबंधित लंबित मामलों में कुल 27,629.370 लीटर शराब का विवरण दर्ज है। इसमें स्प्रिट, चुलाई, देशी और विदेशी शराब शामिल है। वहीं 256 वाहनों से संबंधित मामले भी लंबित हैं, जिनमें अधिहरण की कार्रवाई की जानी है।
सिर्फ बरामदगी नहीं, पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी
डीएम समीर सौरभ ने थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनका नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सिर्फ शराब बरामद कर कांड दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित मामले में पूरी कानूनी प्रक्रिया को अंतिम स्तर तक पहुंचाना भी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
जब्त शराब के विनष्टीकरण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने तथा शराब तस्करी में प्रयुक्त वाहनों के अधिहरण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने का निर्देश दिया गया। साथ ही आवश्यक दस्तावेज एवं अभिलेख अद्यतन रखने को भी कहा गया।
सीमावर्ती व संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी
डीएम ने सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया। सीमावर्ती क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों और शराब तस्करी की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलते ही कार्रवाई करने को कहा गया।
उन्होंने पुलिस, मद्यनिषेध विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने पर जोर दिया। वहीं मोटरयान निरीक्षक को सभी थानों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिहरण किए जाने वाले वाहनों के मूल्यांकन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में अपर समाहर्ता राजेश्वरी पाण्डेय, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी रोहित कुमार, अधीक्षक मद्यनिषेध अमृतेश कुमार, मुख्यालय डीएसपी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम ने दो टूक कहा कि मद्यनिषेध से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के साथ जब्त शराब के विनष्टीकरण एवं वाहनों के अधिहरण की कार्रवाई में तेजी लाई जाए।












