बाबा धनेश्वर महादेव सिंहासिनी महोत्सव में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, भोजपुरी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव
बैकुंठपुर। प्रखंड स्थित प्रसिद्ध सिंहासिनी धाम में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को बाबा धनेश्वर महादेव सिंहासिनी महोत्सव का भव्य एवं रंगारंग आयोजन किया गया। कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा जिला प्रशासन, गोपालगंज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
महोत्सव का उद्घाटन राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, कृषि विभाग सह गोपालगंज के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी तथा पूर्व मंत्री जनक राम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद अतिथियों का स्वागत किया गया तथा सिंहासिनी धाम की धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
आस्था और विरासत का केंद्र है सिंहासिनी धाम
बाबा धनेश्वर महादेव के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। सिंहासिनी धाम न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि स्थानीय लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संजोने वाला महत्वपूर्ण स्थल भी है। महोत्सव का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोककला और कलाकारों को मंच प्रदान करना भी रहा।
भोजपुरी कलाकारों ने मोहा दर्शकों का मन
महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। प्रसिद्ध भोजपुरी कलाकार अरविंद अकेला उर्फ कल्लू, अनुपमा यादव, राकेश मिश्रा, शिल्पी राज, शरद शर्मा, अजय तिवारी, रघु राजा एवं अल्का सिंह पहाड़िया सहित उनके समूह के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भोजपुरी लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पूरा सिंहासिनी धाम भक्तिमय और उत्सवी माहौल में डूब गया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालुओं और दर्शकों ने जमकर उत्साह दिखाया। संगीत और भक्ति के सुरों ने महोत्सव की शाम को यादगार बना दिया।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
सिंहासिनी महोत्सव के आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों, लोकगीतों, लोकनृत्य एवं पारंपरिक संस्कृति को संरक्षण और प्रोत्साहन मिलता है। साथ ही सिंहासिनी धाम को राज्य एवं देश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की संभावनाएं भी मजबूत होती हैं।
महोत्सव में जिला पदाधिकारी समीर सौरभ, उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अपर समाहर्ता राजेश्वरी पांडेय, अपर समाहर्ता रोहित कुमार, जिले के वरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं आमजन मौजूद रहे।
धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और प्रशासनिक सहभागिता के इस संगम ने सिंहासिनी धाम को उत्सव के रंग में रंग दिया और महोत्सव ने स्थानीय विरासत को नई पहचान देने का संदेश दिया।












