योगी सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन को मिलेगी धार, बांदा में 10 दिन सजेगा माटी कला मेला
1 से 10 नवंबर तक राइफल क्लब मैदान में लगेगी मंडलीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी
दीपावली पर स्वदेशी उत्पादों की बिक्री को मिलेगा बढ़ावा
मिट्टी के दीये, खिलौने और पारंपरिक हस्तशिल्प होंगे आकर्षण
स्थानीय कारीगरों को मिलेगा अपने हुनर के प्रदर्शन और बिक्री का मंच
बांदा, 28 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्थानीय कारीगरों, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बांदा में मंडलीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी तथा क्षेत्रीय माटी कला मेले का आयोजन किया जा रहा है। दीपावली के अवसर पर स्वदेशी उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह मेला 1 नवंबर से 10 नवंबर तक आयोजित होगा। शहर में बाबूलाल चौराहे के पास स्थित राइफल क्लब मैदान में लगने वाली इस 10 दिवसीय प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुनरमंद कारीगर अपने उत्पादों के स्टॉल लगाएंगे।
मिट्टी के हुनर और ग्रामोद्योग उत्पादों को मिलेगा बाजार
खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य स्थानीय और पारंपरिक कारीगरों के मिट्टी के हुनर तथा ग्रामोद्योग उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। मेले में शुद्ध अचार, मुरब्बा, खादी के वस्त्र और घरेलू उपयोग की अन्य वस्तुओं के स्टॉल लगाए जाएंगे। दीपावली के मद्देनजर मिट्टी के दीये, ग्वालिन, खिलौने और माटी कला से जुड़े अन्य आकर्षक उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इससे पारंपरिक शिल्पकारों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिलेगा। साथ ही, लोगों को त्योहार पर स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार स्वदेशी उत्पाद खरीदने का विकल्प मिलेगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं से सजेगा मेला
प्रदर्शनी को आकर्षक बनाने के लिए प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त युवाओं और बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं भी होंगी।
प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम
• 2 नवंबर: शाम 4 से 6 बजे तक रंगोली प्रतियोगिता।
• 4 नवंबर: शाम 6 से 8 बजे तक एकल एवं समूह लोकनृत्य प्रतियोगिता।
• 5 नवंबर: शाम 6 से 8 बजे तक सुगम गायन प्रतियोगिता।
• 6 नवंबर: शाम 4 से 6 बजे तक ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ विषय पर पेंटिंग एवं नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता।
• 9 नवंबर: शाम 6 से 8 बजे तक ‘विकसित भारत’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता।
स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा, स्थानीय हुनर को मिलेगी नई पहचान
बांदा में आयोजित होने वाली यह प्रदर्शनी दीपावली के दौरान पारंपरिक उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और स्थानीय कारीगरों को बाजार से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगी। खादी, ग्रामोद्योग और माटी कला से जुड़े उत्पादों के माध्यम से कारीगरों को अपनी कला प्रदर्शित करने और ग्राहकों तक पहुंचने का मंच मिलेगा। वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चों एवं युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वदेशी उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को प्रोत्साहित करने की दिशा में आयोजित यह मेला ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने के साथ स्थानीय हुनर को नई पहचान दिलाने में सहायक होगा।
