मधुबनी में ट्रैफिक DSP 30 हजार घूस लेते गिरफ्तार, अचानक बिगड़ी घूसखोर ट्रैफिक DSP की तबीयत, सदर अस्पताल में भर्ती
मधुबनी जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आ रही है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार को उनके ही कार्यालय कक्ष से 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया. यह पूरी कार्रवाई निगरानी के डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व में गठित आठ सदस्यीय विशेष टीम द्वारा की गई. अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और ट्रैफिक कार्यालय में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया है. टिपर मालिक की शिकायत पर बिछाया गया ट्रैप निगरानी डीएसपी पवन कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पंडौल थाने के गंधवारि गांव निवासी रोहित मिश्रा का मिट्टी ढोने का टिपर चलता है. ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार द्वारा उस टिपर के संचालन के एवज में तीस हजार रुपये घूस की मांग की जा रही थी. इस बात से परेशान होकर पीड़ित रोहित मिश्र ने इसकी गुप्त शिकायत निगरानी विभाग से की थी. विभाग ने शिकायत की सत्यता की जांच कराई और मामला सही पाए जाने पर डीएसपी को ट्रैप करने के लिए एक विशेष योजना बनाई, जिसके तहत मंगलवार को यह सफलता मिली.गिरफ्तारी के बाद अचानक बिगड़ी DSP की तबीयत जैसे ही रोहित मिश्र ने कार्यालय कक्ष में जाकर तयशुदा 30 हजार रुपये ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार को सौंपे, पहले से मुस्तैद निगरानी की टीम ने उन्हें तुरंत दबोच लिया. इस अचानक हुई कार्रवाई और पूछताछ के दौरान डीएसपी सुजीत कुमार की तबीयत अचानक काफी बिगड़ गई. वे पसीने से लथपथ हो गए और उनका ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ गया. स्थिति को गंभीर देखते हुए निगरानी टीम ने उन्हें तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है.कागजी प्रक्रिया पूरी कर पटना ले जाएगी निगरानी टीम,सदर अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार डीएसपी का रक्तचाप अभी भी उतार-चढ़ाव की स्थिति में है. निगरानी डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें सबसे पहले सर्किट हाउस ले जाया जाएगा. वहां आवश्यक कानूनी और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें निगरानी की टीम अपने साथ पटना लेकर रवाना होगी. इस पूरी छापेमारी दल में जहांगीर अंसारी और राहुल कुमार समेत कुल आठ अधिकारी व कर्मी शामिल रहे, जिनकी इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में भारी खौफ व्याप्त है.












