सिसवां शिवमन्दिर में लगी रही भक्तों की भीड़, हर-हर महादेव की जयघोष से गूंज उठे शिवालय
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट


स्थानीय प्रखंड के सिसवॉं स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तों की अपार श्रद्धा और उत्साह देखते ही बन रहा था। भोर की से लेकर संध्या तक लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, जहाँ हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा शिवालय गुंजायमान हो उठा। शिवभक्तों ने बेल पत्र, दूध, जल और अन्य सामग्रियों से भगवान भोलेनाथ को जलाभिषेक किया। मन में अपनी-अपनी मनोकामनाएँ लिए भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना में लीन रहे। मंदिर परिसर में एक दिन पहले से शुरू हुआ अखंड कीर्तन भी शाम की आरती एवं हवन के साथ भावपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ, जिसने वातावरण को और भी दिव्य बना दिया। शास्त्रों के अनुसार, महाशिवरात्रि वह पवित्र रात्रि है जब भगवान शंकर का माता पार्वती से विवाह हुआ था। इसी महिमा के कारण इस दिन शिवलिंग का विशेष पूजन, व्रत और अभिषेक करने का विधान है। मान्यता है कि विधिपूर्वक पूजा करने से भगवान अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। रुके हुए कार्य पूरे होते हैं, विशेष कृपा बरसती है। युवतियों को मनचाहा वर मिलता है, युवकों को मनपसंद जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। जिनके विवाह में बाधाएँ आ रही हों, उनके लिए यह व्रत विशेष फलदायी माना जाता है।
इसी श्रद्धा और विश्वास के साथ नौतन प्रखंड के सिसवॉं के अलावा पिपरा, मुरारपट्टी, रामगढ़, अंगौता, बिशुनपुरा सहित आसपास के सभी शिवालयों में दिन भर भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। हर कोने से “हर हर महादेव!” और “बम बम भोले!” के उद्घोष गूँजते रहे, जो भक्ति की उस अनोखी लहर को दर्शाते थे जो पूरे क्षेत्र में फैली हुई थी।











