गरीब परिवारों के ‘अपने पक्के घर’ के सपने को मिली नई उड़ान, 7 लाभुकों को सौंपी गई आवास की चाबी
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज । प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत जिले के गरीब, आवासविहीन एवं जरूरतमंद परिवारों के ‘अपने पक्के घर’ के सपने को नई उड़ान मिली। केंद्र एवं राज्य सरकार की संवेदनशील पहल के तहत गुरुवार को सदर प्रखंड गोपालगंज के 7 लाभुकों को पूर्ण आवास की चाबी, 7 लाभुकों को स्वीकृति पत्र तथा 26 चिन्हित लाभुकों को शुभकामना संदेश प्रदान किया गया।
इस अवसर पर पटना के बापू सभागार से माननीय केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं बिहार के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं पूर्ण आवास की चाबी वितरित की गई। साथ ही राज्य में आवास निर्माण के लक्ष्य को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए।
पक्का घर मिला तो चेहरे पर खिली खुशी
समाहरणालय सभागार, गोपालगंज में आयोजित कार्यक्रम में बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के माननीय मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी एवं माननीय विधायक श्री राम सेवक सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में लाभुकों को योजना का लाभ प्रदान किया गया।
पूर्ण आवास की चाबी हाथ में आते ही लाभुकों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। वर्षों से पक्के घर का सपना संजोए परिवारों के लिए यह पल बेहद भावुक और यादगार रहा। लाभुकों ने इसे महज मकान की चाबी नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की चाबी बताया।
16,773 के लक्ष्य के विरुद्ध 13,467 आवास पूर्ण
जिला प्रशासन के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में जिले को कुल 16,773 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इसके विरुद्ध अब तक 13,467 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का लगभग 80.7 प्रतिशत है। शेष आवासों को भी अभियान चलाकर शीघ्र पूर्ण कराने की दिशा में प्रशासन द्वारा प्रयास जारी है।
‘आवास’ के साथ बेहतर जीवन की ओर कदम
कार्यक्रम में योजना के लाभुकों को आवास निर्माण की प्रक्रिया, गुणवत्ता, तकनीकी मानकों तथा निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य सिर्फ गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर जीवन की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण (Convergence) के माध्यम से लाभुकों को स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, रसोई गैस, रोजगार सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया।
सरकार की संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण : मिथिलेश तिवारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के आवासविहीन एवं कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों को सुरक्षित, टिकाऊ और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि पक्का घर मिलने से परिवारों को मौसम एवं प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव आता है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार असुरक्षित आवास में रहने को मजबूर न हो।
पात्र परिवारों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे योजनाओं का लाभ
माननीय विधायक श्री राम सेवक सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण गरीब एवं वंचित परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से मिले।
वहीं जिला प्रशासन द्वारा योजना के क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा एवं निगरानी की जा रही है। लाभुकों के चयन से लेकर आवास स्वीकृति, निर्माण की प्रगति और आवास पूर्ण होने के बाद चाबी सौंपने तक की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
लाभुकों ने जताया आभार
आवास की चाबी और स्वीकृति पत्र प्राप्त करने वाले लाभुकों ने केंद्र एवं बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। लाभुकों ने कहा कि पक्का घर उनके लिए सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, बच्चों के बेहतर भविष्य और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत है।
कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ, उप विकास आयुक्त श्री कुमार गौरव, अपर समाहर्ता श्री राजेश्वरी पांडेय सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, संबंधित अधिकारी-कर्मी एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभुक मौजूद रहे।
गोपालगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की यह पहल उन परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है, जिनके लिए कभी पक्का घर महज एक सपना हुआ करता था।











