गोपालगंज में भूमाफियाओं पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार: विधायक समेत कई पर FIR, 50 गाड़ियों के साथ ताबड़तोड़ छापेमारी
गोपालगंज में आखिरकार भूमाफियाओं के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन देखने को मिल रहा है। कुचायकोट से जदयू विधायक अमरेंद्र पांडे उर्फ पप्पू पांडे, उनके भाई सतीश पांडे और सहयोगी राहुल तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज होते ही प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है।
50 गाड़ियों का काफिला, एक साथ कई ठिकानों पर रेड
हथुआ स्थित पेट्रोल पंप आवास से लेकर नयागांव तुलसिया तक—लगभग 50 गाड़ियों के साथ पुलिस ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
जमीन कब्जा और फायरिंग से खुला मामला
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 1 अप्रैल को बेलवा गांव से हुई, जहां पीड़ित जितेंद्र राय ने जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। घटना के दौरान फायरिंग की भी सूचना सामने आई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
SIT की एंट्री, “सफेदपोश” पर शिकंजा
एसपी विनय तिवारी ने पहले ही संकेत दे दिया था कि इस मामले में सफेदपोशों की भूमिका है। जैसे ही FIR में विधायक और उनके करीबियों के नाम सामने आए, कोर्ट के आदेश पर SIT गठित कर दी गई और लगातार छापेमारी शुरू हो गई। फरार पांडे बंधु, पुलिस का दबाव तेज
फिलहाल दोनों पांडे बंधु फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
जनता में उम्मीद, सिस्टम पर सवाल बरकरार
सिधवलिया और विजयीपुर जैसे इलाकों में लंबे समय से भूमाफियाओं के खिलाफ शिकायतें उठती रही हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश था। कई मामलों में ऑडियो वायरल होने के बावजूद फाइलें वर्षों से लंबित हैं।
नजर पूरे जिले की…
अब हर किसी की निगाह इस अभियान पर टिकी है—क्या विनय तिवारी इस बार भूमाफियाओं के नेटवर्क को जड़ से खत्म कर पाएंगे, या फिर यह लड़ाई भी सिस्टम की फाइलों में उलझकर रह जाएगी?












