गुटखा व्यापारियों का खुले लूट
बादा से सनम की रिपोर्ट
बांदा-जनपद समेत पूरे प्रदेश मे गुटखा व्यापारियों ने मानों लूट का तांडव करना शुरू कर दिया है। ऐसा लगता है मानों इन विषयों पर निगरानी करने के लिए कोई बिभाग या अधिकारी या तो नियुक्त ही नही किए गए या फिर मोटी रकम लेकर मनाली छुट्टी मनाने चले गए है।तभी तो जब से देश का बजट पेश हुआ और बजट मे तम्बाकू उत्पादों पर 28 की जगह 40 प्रतिशत की जीएसटी लगाने की घोषणा हुई तब से मानों गुटखा कंपनियों व इनके एजेंसी होल्डरों को मानों लूट का पैगाम मिल गया हो।फिर क्या था पैगाम मिलते ही धीरे धीरें केशर,सनकी व अन्य गुटखा जो एक पैकेट 140 से 142 का मिलता थ वों आज 210 से 250 तक का मिल रहा है।वही खुदरा दुकानदारों की बात करे तो जो गुटखा केशर व सनकी 10 रूपयें के 4 मिलते थे वों आज की तारीख मे 10 के 2 मिलने लगे है जिससे गुटखा खाने वालों को भी परेशानियों का सामना तो करना ही पड रहा है।उनका कहना है कि कंपनियां खुलेआम अपना माल ब्लैक करवाकर रोज का करोडों का फायदा उठा रही है।लिखाी एमआरपी से दुगनें कीमत पर माल बेचकर जहां कंपनियों से ज्यादा डीलर कमा रहे है जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे है और माल की कमी का बहाना बना रहे है।वही बिभाग मानों सों गया है।जबकि मालूम हो कि तंम्बाकू उत्पादों पर बडी हुई टैक्स की रकम अप्रैल माह से ली जायेगी लेकिन कंपनियों ने अभी से लूटकांड खोलकर उन गरीबों के पेट पर लात मार दिया जो इसका व्यवसाय कर अपना जीवन यापन करते थे।











