सबेया एयरफील्ड की 259 एकड़ से अधिक रक्षा भूमि हुई अतिक्रमण मुक्त, प्रशासन ने रक्षा प्राधिकार को सौंपा कब्जा।
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। जिले में सरकारी एवं रक्षा संपदा की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की दिशा में जिला प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। हथुआ स्थित सबेया परित्यक्त एयरफील्ड की 259.274936 एकड़ रक्षा भूमि से कृषि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। अतिक्रमण हटाने के बाद भूमि का भौतिक कब्जा विधिवत रक्षा प्राधिकार को सौंप दिया गया।
यह कार्रवाई बिहार सरकार के निर्देश तथा जिलाधिकारी समीर सौरभ के प्रशासनिक समन्वय में भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय के फेज-III सर्वे प्रोजेक्ट के तहत की गई। अभियान का उद्देश्य रक्षा भूमि का संरक्षण, स्पष्ट सीमांकन और उसके वास्तविक भौतिक स्वरूप को सुनिश्चित करना था।
35 दिनों तक चला अतिक्रमण हटाओ अभियान
सबेया एयरफील्ड की रक्षा भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने का अभियान 15 जुलाई से 18 अगस्त 2026 तक चला। इस दौरान बड़े भू-भाग पर किए गए कृषि अतिक्रमण को हटाया गया। प्रशासन एवं रक्षा प्राधिकार के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण और सत्यापन भी किया।
इससे पहले संयुक्त टीम ने सबेया में कुल 473.295 एकड़ रक्षा भूमि का सर्वेक्षण एवं सीमांकन किया था। सर्वेक्षण के दौरान रक्षा भूमि पर मौजूद 19.338717 एकड़ अतिक्रमण का विवरण भी दर्ज किया गया।
सीमा-स्तंभ लगने से अब होगी भूमि की सुरक्षा
अतिक्रमण हटाने के साथ ही रक्षा भूमि की भविष्य में पहचान और सुरक्षा के लिए मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) द्वारा भूमि की सीमा पर Boundary Pillars (सीमा-स्तंभ) स्थापित किए गए हैं। इससे रक्षा भूमि की सीमाएं स्पष्ट हो गई हैं और भविष्य में अतिक्रमण की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलेगी।
प्रशासनिक समन्वय से मिली सफलता
पूरी कार्रवाई में रक्षा संपदा अधिकारी, दानापुर छावनी, हथुआ एवं उचकागांव अंचल कार्यालय, अनुमंडल पदाधिकारी हथुआ तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता हथुआ समेत संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी एवं रक्षा संपदा की भूमि की सुरक्षा, अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण और पारदर्शी भूमि प्रबंधन को लेकर लगातार निगरानी जारी रहेगी। सबेया एयरफील्ड की रक्षा भूमि को अतिक्रमणमुक्त कर रक्षा प्राधिकार को कब्जा सौंपना गोपालगंज में भूमि संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।











