कर्नाटक के डीजीपी रामचंद्र राव सस्पेंड, कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से मचा राजनीतिक-प्रशासनिक भूचाल
बेंगलुरु। कर्नाटक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय (डीसीआरई) के महानिदेशक (डीजीपी) रहे रामचंद्र राव के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। यह कदम सोशल मीडिया पर उनके कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद उठाया गया, जिनमें वह अपने कार्यालय में एक महिला के साथ नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में रामचंद्र राव को उनके कार्यालय कक्ष में एक महिला के साथ अंतरंग स्थिति में देखा गया है। एक वीडियो में वह पुलिस वर्दी में कुर्सी पर बैठे हुए महिला के साथ आपत्तिजनक आचरण करते दिखाई देते हैं, जबकि दूसरे वीडियो में वह सूट पहने हैं और कक्ष में भारतीय ध्वज तिरंगा तथा पुलिस विभाग का प्रतीक चिन्ह स्पष्ट रूप से नजर आता है। सूत्रों का दावा है कि ये फुटेज कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों के हो सकते हैं और करीब एक साल पुराने बताए जा रहे हैं। वीडियो सार्वजनिक होने के बाद कर्नाटक में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। विपक्ष ने सरकार से तत्काल कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की, वहीं सत्तापक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कदम उठाने की बात कही। इसी क्रम में राज्य सरकार ने रामचंद्र राव को निलंबित कर दिया। हालांकि, रामचंद्र राव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। गृह मंत्री जी. परमेश्वर से मुलाकात के लिए उनके आवास पहुंचे राव की मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “ये पूरी तरह से मनगढ़ंत है। मुझे बदनाम करने की साजिश के तहत फर्जी वीडियो फैलाए जा रहे हैं।” उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए खुद को निर्दोष बताया। सूत्रों के मुताबिक, वायरल वीडियो उस अवधि के बताए जा रहे हैं, जो फिल्म अभिनेत्री रान्या राव की सोना तस्करी मामले में गिरफ्तारी से पहले की है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कथित पुराने वीडियो इस समय ही क्यों सार्वजनिक किए गए। इस बिंदु पर भी जांच की संभावना जताई जा रही है कि फुटेज को किसने और किस उद्देश्य से लीक किया। उल्लेखनीय है कि रामचंद्र राव पहली बार विवादों में नहीं हैं। वह जेल में बंद अभिनेत्री रान्या राव के सौतेले पिता हैं। रान्या को मार्च 2025 में सोना तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उन्होंने अपने पिता के पद और प्रोटोकॉल का दुरुपयोग कर कथित तौर पर अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया। हालांकि, इन आरोपों पर भी न्यायिक प्रक्रिया जारी है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ हो तो कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल, डीजीपी जैसे शीर्ष पद पर रहे अधिकारी के खिलाफ इस प्रकार का मामला सामने आने से कर्नाटक पुलिस की छवि और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।