बिसंडा में परशुराम जयंती पर भव्य आयोजन: धर्म, साहस और समरसता का संदेश
बिसंडा (बांदा)
भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर बिसंडा स्थित अक्षरा कुटी में एक भव्य और गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला।
यह आयोजन समाजसेवी प्रेम पांडेय के फॉर्म हाउस पर हुआ, जहां क्षेत्र के सैकड़ों लोग और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मुख्य अतिथि ने बढ़ाई शोभा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार में ललित कला अकादमी के राज्यमंत्री गिरीश चंद्र मिश्रा शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि न्याय, साहस और धर्म के जीवंत उदाहरण हैं। उनके आदर्श आज भी समाज को सही दिशा देने में प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने समाज में समरसता और एकता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए लोगों से उनके आदर्शों को अपनाने की अपील की।
विशिष्ट अतिथियों ने रखे विचार
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रेम नारायण पांडेय, शालिनी सिंह पटेल (प्रदेश उपाध्यक्ष, जेडीयू एवं बुंदेलखंड प्रभारी) और रुद्र तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
शालिनी पटेल के साथ जेडीयू की जिलाध्यक्ष पिंकी प्रजापति और ज्योति मौर्य की उपस्थिति भी विशेष रही।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस मौके पर बांदा प्रेस ट्रस्ट एवं अखण्ड भारत विप्र एकता मंच के संस्थापक व वरिष्ठ पत्रकार अनिल तिवारी भी मौजूद रहे। उनके साथ अविनाश दीक्षित, सुशील मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
अन्य प्रमुख उपस्थित जनों में ज्ञान चंद्र पांडेय, महेश अवस्थी, सोमदत्त पांडेय, प्रशांत गुप्ता (छोटू), रामचंद्र पांडेय और संतोष गुरौलिहा शामिल रहे।
आभार और संदेश
कार्यक्रम के अंत में आयोजक प्रेम पांडेय ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक मूल्यों और एकता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
संदेश साफ:
परशुराम जयंती का यह आयोजन न सिर्फ आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में समरसता, जागरूकता और एकजुटता का मजबूत संदेश देकर संपन्न हुआ।
बांदा से सनम मलिक की रिपोर्ट












