एनआईसी में जिला निर्यात संवर्धन समिति की बैठक आयोजित
स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, निर्यात सुविधाओं के विस्तार एवं निर्यात अवसंरचना विकसित करने पर हुई विस्तृत चर्चा
दरभंगा, 21 सितंबर 2026 :- उप विकास आयुक्त, दरभंगा श्री स्वप्निल की अध्यक्षता में आज एनआईसी जिला निर्यात संवर्धन समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के स्थानीय एवं विशिष्ट उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देने तथा निर्यातकों, किसानों, कारीगरों एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में डीजीएफटी, कोलकाता के डायरेक्टर एवं डिप्टी डायरेक्टर, एपीडा पटना के प्रभारी अधिकारी, ईपीसीएच से श्री राहुल रंजन, एमएसएमई-डीएफओ मुजफ्फरपुर के प्रतिनिधि, डाक अधीक्षक दरभंगा, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र,दरभंगा तथा चैंबर ऑफ कॉमर्स, दरभंगा के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में जिले में निर्यात सुविधा केंद्र की स्थापना के प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। प्रस्तावित सुविधा केंद्र के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के परीक्षण, प्रमाणीकरण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार से संपर्क स्थापित करने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किए जाने पर चर्चा हुई।
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की सुविधा उपलब्ध होने से स्थानीय उत्पादकों, कारीगरों, किसानों एवं एमएसएमई इकाइयों को निर्यात प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न आवश्यकताओं को एक ही स्थान पर समझने एवं पूरा करने में सुविधा मिल सकेगी।
बैठक में जिला निर्यात कार्य योजना (DEAP) के अंतर्गत जिले के प्रमुख स्थानीय एवं विशिष्ट उत्पादों को शामिल करने के संबंध में भी चर्चा की गई। विशेष रूप से मखाना, मिथिला पेंटिंग, सिक्की आर्ट एवं अन्य स्थानीय जीआई उत्पादों की निर्यात संभावनाओं पर विचार किया गया।
इन उत्पादों को कार्य योजना में प्राथमिकता देने के लिए आवश्यक सत्यापन एवं पुष्टि की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई, ताकि जिले के विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा सके।
स्थानीय कारीगरों, किसानों एवं एमएसएमई इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए गुणवत्ता एवं क्षमता विकास से संबंधित संभावित हस्तक्षेपों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) के अंतर्गत स्थानीय उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, आवश्यक प्रमाणन, आधुनिक एवं आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग तथा विदेशी खरीदारों तक पहुंच उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
इस दौरान उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, निर्यात मानकों के अनुरूप उत्पादन तथा बाजार की मांग के अनुसार उत्पादों के विकास को आवश्यक बताया गया।
बैठक में जिले से निर्यात को सुगम बनाने के लिए निर्यात अवसंरचना के विकास पर भी विस्तार से चर्चा की गई। स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा किसानों के उत्पादों की देश एवं विदेश के बाजारों तक सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दरभंगा हवाई अड्डा पर प्रस्तावित निर्यात संवर्धन पार्क एवं एयर कार्गो के माध्यम से निर्यात की संभावनाओं का मूल्यांकन किया गया।
अधिकारियों द्वारा एयर कार्गो आधारित निर्यात के लिए आवश्यक सुविधाओं, लॉजिस्टिक व्यवस्था तथा उत्पादों के त्वरित परिवहन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक कार्य बिंदुओं के निर्धारण पर विचार किया गया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि जिले के पारंपरिक, कृषि आधारित एवं विशिष्ट उत्पादों को उचित गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन सहयोग प्रदान कर अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करते हुए निर्यात क्षमता को विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई किए जाने पर बल दिया गया।
उप विकास आयुक्त श्री स्वप्निल ने संबंधित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से आपसी समन्वय के साथ प्रस्तावित कार्यों को आगे बढ़ाने तथा जिले के स्थानीय उत्पादों की निर्यात क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने को कहा।












