मुहर्रम का चांद देखते ही हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक ताजिया बनाने में जुटे के लोग
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट
प्रखंड क्षेत्र में मुहर्रम का चांद देखने के साथ ही प्रखंड क्षेत्र में लोग ताजिया बनाने में जुट गए हैं। बता दें कि नौतन प्रखंड क्षेत्र में मुहर्रम सदियों से हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। इसके अंतर्गत मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोग भी ताजिया निर्माण और मुहर्रम के जुलूस की तैयारियों में पूरे उत्साह से शामिल होते हैं। नौतन प्रखंड के कुरमौटा, मुरारपट्टी, बरईपट्टी, जगदीशपुर, ठाकुर के रामपुर, नरकटिया, सिसवां, तिवारी टोला सहित विभिन्न गांवों में बांस, लकड़ी, थर्मोकोल, रंग-बिरंगे कागज और चमकदार सामग्रियों से भव्य ताजिया तैयार किए जा रहे हैं। इसमें हिंदू समुदाय के लोग सक्रिय रूप से हाथ बंटा रहे हैं। कुछ सजावट कर रहे हैं, कुछ सामग्री जुटा रहे हैं और कई कारीगरों की मदद कर रहे हैं। दिन-रात चल रहे इस काम में दोनों समुदायों के बच्चे, युवा और बुजुर्ग एक साथ जुड़े हुए हैं। बताते चलें कि मुहर्रम इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत की याद में मनाया जाने वाला यह पर्व यहां सदियों पुरानी परंपरा है। स्थानीय लोग कहते हैं कि ताजिया निर्माण से लेकर जुलूस तक हिंदू-मुस्लिम भाईचारा इस क्षेत्र की पहचान बन गया है। यह सौहार्द और एकता का जीवंत उदाहरण है। मुरारपट्टी मुखिया हवलदार अंसारी ने बताया कि चांद नजर आते ही काम शुरू हो गया। हिंदू भाइयों का सहयोग हमें और प्रेरित कर रहा है। ताजिया जितना सुंदर होगा, उतनी ही हमारी एकता मजबूत होगी। जुलूस के दिन पूरा क्षेत्र शांति और भाईचारे का संदेश देगा। क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल है। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां की हैं। नौतन प्रखंड की यह हिंदू-मुस्लिम एकता पूरे जिले के लिए मिसाल है और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा साबित हो रही है।












