गोपालगंज सदर अस्पताल में संवेदनहीनता: इमरजेंसी वार्ड से 2 नर्सें गायब, डेढ़ घंटे तक दर्द से तड़पते रहे गंभीर मरीज।
गोपालगंज ब्यूरो आशिष रंजन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
गोपालगंज। स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावों के बीच गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल से एक हैरान करने वाली लापरवाही सामने आई है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ड्यूटी पर तैनात चार GNM (नर्सों) में से दो अचानक गायब हो गईं। इलाज के अभाव में मारपीट में गंभीर रूप से जख्मी लोग और पेट दर्द से पीड़ित मरीज करीब डेढ़ घंटे तक स्ट्रेचर पर पड़े दर्द से तड़पते रहे।मिली जानकारी के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में अचानक गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ गई। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात चार में से सिर्फ दो ही GNM वार्ड में मौजूद थीं, जबकि दो अन्य अपनी सीट से नदारद थीं। मरीजों का आरोप है कि केवल दो नर्सों के होने के कारण स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह चरमरा गई और गंभीर रूप से घायल लोगों को समय पर प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल सका। अस्पताल परिसर में इलाज न मिलने से नाराज मरीजों और उनके परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। जब अस्पताल को ‘मॉडल’ अस्पताल का दर्जा दिया गया है, तो आपातकालीन सेवाओं (Emergency Services) में इस तरह की घोर लापरवाही क्यों?अस्पताल में मौजूद लोगों का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड जैसी संवेदनशील जगह पर डॉक्टरों और नर्सों का इस तरह गायब रहना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है। अब देखना यह है कि इस मामले में अस्पताल प्रबंधन और जिला स्वास्थ्य विभाग दोषी GNM पर क्या ठोस कार्रवाई करता है।
(सदर अस्पताल की इस बदइंतजामी पर आपकी क्या राय है? स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए?)











