बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और त्वरित इलाज को लेकर प्रशासन सख्त, छह सप्ताह में 733 गंभीर मरीजों का हुआ इलाज, अंतिम सप्ताह में 181 गंभीर मरीज पहुंचे सदर अस्पताल
गोपालगंज ब्यूरो | आशिष रंजन श्रीवास्तव
गोपालगंज सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर, सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है। जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ के निर्देश पर अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं, मरीजों के इलाज, रेफरल व्यवस्था, एंबुलेंस सेवा और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है।
सदर अस्पताल के चिकित्सा आंकड़ों के अनुसार 07 जुलाई से 18 अगस्त 2026 तक छह सप्ताह की अवधि में आपातकालीन वार्ड में कुल 733 गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार किया गया। वहीं 12 से 18 अगस्त तक के अंतिम सप्ताह में सर्वाधिक 181 गंभीर मरीज आपातकालीन वार्ड में इलाज के लिए पहुंचे।
837 मरीज हुए डिस्चार्ज
अस्पताल प्रशासन के अनुसार आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल चिकित्सा सुविधा दी गई। इस अवधि में प्राथमिक एवं आवश्यक उपचार के बाद 837 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। वहीं सामान्य एवं विशेष वार्ड में 803 नए मरीज भर्ती हुए, जिनमें उपचार के बाद 891 मरीजों को छुट्टी दी गई।
गंभीर मरीजों के रेफरल पर विशेष नजर
बेहोशी, गंभीर मल्टीपल फ्रैक्चर, चेतना में कमी और सड़क दुर्घटना जैसे मामलों में मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया गया। छह सप्ताह के दौरान 34 गंभीर मरीजों को एंबुलेंस की सहायता से तत्काल उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाया गया।
जिला प्रशासन का जोर इस बात पर है कि गंभीर मरीजों के इलाज में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो और जरूरत पड़ने पर समय रहते बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले केंद्र में रेफर किया जा सके।
साफ-सफाई से लेकर चिकित्सकों की मौजूदगी तक निगरानी
जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ ने अस्पताल प्रशासन को मरीजों को समय पर उपचार, आवश्यक दवाएं, चिकित्सकीय जांच और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अस्पताल की साफ-सफाई, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, एंबुलेंस सेवा और मरीजों व परिजनों की सुविधाओं की भी नियमित निगरानी की जा रही है।
जिला प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि सदर अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और मानवीय स्वास्थ्य सेवा मिले तथा गंभीर एवं आपातकालीन मामलों में तत्काल इलाज सुनिश्चित हो।











