नौतन में फायलेरिया रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर हुई बैठक
नौतन से फिरोज अंसारी की रिपोर्ट
फायलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से प्रभावित क्षेत्रों में इसकी रोकथाम और नियंत्रण के प्रयासों को मजबूत करने के उद्देश्य से स्थानीय प्रखंड परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मंगलवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी अंजलि कुमारी तथा प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी सर्वजीत कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में प्रखंड के सभी पंचायतों के मुखियाओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। वरीय पदाधिकारियों ने फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की और मुखियाओं से सक्रिय सहयोग की अपील की। बुनियादी स्वास्थ्य निरीक्षक आकाश कुमार श्रीवास्तव तथा पिरामल स्वास्थ्य के कार्यकर्ता ओमप्रकाश मिश्र ने इस अवसर पर महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। उन्होंने फायलेरिया रोग के कारण, लक्षण, प्रसार के तरीके और इससे बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
बता दें कि फायलेरिया एक मच्छर जनित संक्रामक रोग है, जो लिम्फेटिक फिलैरियासिस के नाम से भी जाना जाता है। यह रोग मुख्य रूप से संक्रमित क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलता है और यदि समय पर इलाज न हो तो हाथ-पैरों में सूजन (एलिफेंटियासिस) जैसी स्थायी विकृति हो सकती है। भारत सरकार द्वारा फायलेरिया उन्मूलन के लिए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत हर साल फायलेरिया प्रभावित जिलों और प्रखंडों में एक निर्धारित समयावधि में घर-घर जाकर पूरी आबादी को एंटी-फाइलेरियल दवाएं निःशुल्क खिलाई जाती हैं।
यह दवा दो या अधिक दवाओं का संयोजन होती है, जो रोग के प्रसार को रोकने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई है। बैठक में बताया गया कि एमडीए अभियान की सफलता के लिए कम से कम 80-85 प्रतिशत आबादी द्वारा दवा का सेवन आवश्यक है। इसीलिए ग्राम स्तर पर जागरूकता फैलाना और लोगों को दवा लेने के लिए प्रेरित करना बहुत जरूरी है।
मुखियाओं से अनुरोध किया गया कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्र में इस अभियान का प्रचार-प्रसार करें, ग्रामीणों को जागरूक करें और दवा वितरण के दौरान सहयोग प्रदान करें। साथ ही, उन्होंने लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग, घर के आसपास पानी जमा न होने देने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह भी दी।
यह जागरूकता बैठक फायलेरिया मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से उम्मीद है कि जल्द ही इस क्षेत्र को फायलेरिया से मुक्त घोषित किया जा सकेगा। मौके पर मुरारपट्टि मुखिया हवलदार अंसारी सहित अन्य पंचायतों के मुखिया भी मौजूद रहे।












