डॉक्टर को धमकी मामले में मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार:एक करोड़ की मांगी थी रंगदारी, कहा था- पैसे नहीं दिए तो पत्नी तो जान से गई
मगध मेडिकल थाना क्षेत्र से सामने आए एक सनसनीखेज रंगदारी मामले में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। 1 करोड़ रुपए की रंगदारी और जान से मारने की धमकी के पीछे कोई बाहरी गैंग नहीं, बल्कि खुद पीड़ित का करीबी ही मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने इस मामले में एक डॉक्टर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामला 7 जनवरी 2026 का है। पीड़ित ने मगध मेडिकल थाने में लिखित आवेदन देकर बताया कि उसकी पत्नी के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति कॉल कर 1 करोड़ रुपए की रंगदारी मांग रहा है। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी,शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मगध मेडिकल थाना कांड संख्या 11/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसएसपी के निर्देश पर स्पेशल टीम का किया था गठन एसएसपी सुशील कुमार ने मामले को गंभीर मानते हुए नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में और नगर पुलिस उपाधीक्षक-02 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। टीम में मगध मेडिकल थानाध्यक्ष, अन्य पुलिस पदाधिकारी, जवान और तकनीकी शाखा को शामिल किया गया।टीम ने सबसे पहले तकनीकी अनुसंधान और आसूचना संकलन पर काम शुरू किया। कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस दो संदिग्धों तक पहुंची। इसके बाद रामपुर थाना क्षेत्र के गेवाल विगहा गांव से इरशाद अहमद और नौशाद अहमद को गिरफ्तार किया गया।एसपी सिटी कोटा किरण कुमार ने बताया कि पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह रंगदारी कॉल उन्होंने किसी और के कहने पर की थी। पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि डॉ. सत्येन्द्र कुमार के निर्देश पर पीड़ित की पत्नी को कॉल कर 1 करोड़ रुपए की मांग की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। खुलासे के बाद डॉक्टर सत्येंद्र को पूछताछ के लिए बुलाया गिरफ्तार किया,इस खुलासे के बाद पुलिस ने डॉ. सत्येन्द्र कुमार को पूछताछ के लिए मगध मेडिकल थाना बुलाया। पूछताछ में उनकी संलिप्तता की पुष्टि होते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार डॉक्टर पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र स्थित आरएमएस कॉलोनी, लोहिया नगर के निवासी बताए जा रहे हैं। वह मगध मेडिकल कालेज अस्पताल में न्यूरो सर्जन हैं। साथ ही में विभागाध्यक्ष भी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला पूरी तरह से सुनियोजित साजिश का है। रंगदारी की कहानी गढ़कर डर का माहौल बनाया गया, ताकि मोटी रकम वसूली जा सके। तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।फिलहाल गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।












