नन्हीं बच्ची को मिला अपना परिवार, दत्तक माता-पिता के चेहरे पर खिली मुस्कान
जिलाधिकारी समीर सौरभ ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्ची को दत्तक माता-पिता को सौंपा
गोपालगंज। एक नन्हीं बच्ची को आखिरकार अपना परिवार मिल गया। दत्तकग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची को उसके दत्तक माता-पिता को सौंप दिया गया। इस अवसर पर परिवार के चेहरे पर खुशी और संतोष की मुस्कान देखने को मिली। यह कदम बच्ची के सुरक्षित भविष्य और बेहतर पालन-पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
दत्तकग्रहण नियमावली, 2022 के प्रावधानों के तहत बुधवार को जिला पदाधिकारी श्री समीर सौरभ ने अपने कार्यालय कक्ष में लगभग पांच वर्ष की बच्ची को दत्तकग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधिवत उसके दत्तक माता-पिता को सौंपा। उल्लेखनीय है कि बच्ची को इससे पहले 19 अगस्त 2026 को पूर्व-दत्तक पालन-पोषण देखरेख (Pre-Adoption Foster Care) में दिया गया था।
अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों को संरक्षण देने की अपील
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील की कि यदि कहीं कोई अनाथ या परित्यक्त बच्चा मिले, तो उसे अपने स्तर पर रखने के बजाय समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई, गोपालगंज के विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान, हजियापुर, गोपालगंज को सौंपें। इससे बच्चे को उचित संरक्षण, देखभाल और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इच्छुक निःसंतान दंपती बच्चे को गोद लेने के लिए केंद्रीय दत्तकग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दत्तकग्रहण की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुसार ही पूरी की जानी चाहिए, ताकि बच्चे के अधिकारों और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा सके।
दत्तकग्रहण संबंधी जानकारी के लिए करें संपर्क
दत्तकग्रहण से जुड़ी विशेष जानकारी प्राप्त करने के लिए विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान, गोपालगंज के समन्वयक श्री विजय कुमार से मोबाइल नंबर 8210491152 पर संपर्क किया जा सकता है।
इस मौके पर वरीय उपसमाहर्ता-सह-सहायक निदेशक श्रीमती रितु रानी, विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान के समन्वयक श्री विजय कुमार तथा जिला बाल संरक्षण इकाई, गोपालगंज के सामाजिक कार्यकर्ता श्री शारदानन्द तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
संदेश: हर बच्चे को प्यार, सुरक्षा और परिवार का सहारा मिलना चाहिए। वैधानिक दत्तकग्रहण की प्रक्रिया बच्चों को बेहतर भविष्य देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।












